रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया थम सी गई है। जांच कमेटी गठित होने के बाद से नियुक्ति को लेकर कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। अब तक न तो साक्षात्कार हुए हैं और न ही इस संबंध में कोई पत्र जारी हुआ है। ऐसे में कुलपति का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
कुलपति की नियुक्ति की यही रफ्तार रही तो अगले माह विवि के सभी प्रशासनिक पद रिक्त हो जाएंगे। इसमें कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक के पद मुख्य हैं। फिलहाल परीक्षा नियंत्रक पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी डॉ. सुखबीर चांदला को दी गई है। इन्होंने एमबीबीएस में नकल के खेल मामले की जांच कमेटी सदस्य के रूप में अहम जिम्मेदारी का निर्वहन किया था।
स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलपति की जिम्मेदारी कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल को दी गई है। यह 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे पहले कुलपति पद के लिए साक्षात्कार होने पर उनका नंबर आता है तो नियमानुसार व तीन वर्ष के लिए विवि काे नई दिशा देंगे।
विवि का परीक्षा नियंत्रक पद पहले से ही अतिरिक्त कार्यभार पर चल रहा है। ऐसे में अगस्त विवि में बड़े उलट फेर वाला साबित हो सकता है। इसमें सबसे अहम कुलपति पद का साक्षात्कार व नियुक्त है। इसमें देरी विवि के तीनों बड़े प्रशासनिक पदों को भी प्रभावित करेगी।
निदेशक की नियुक्ति को लेकर हलचल नहीं
पीजीआई के निदेशक पद की नियुक्ति प्रक्रिया भी शांत है। इसके लिए आवेदन करने वाले संस्थान के छह सदस्यों का साक्षात्कार प्रक्रिया का बड़ी बेसब्री से इंतजार है। निदेशक पद के लिए साक्षात्कार को लेकर फिलहाल सन्नाटा है।