सोनीपत। पराली जलाने पर इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसान पराली जलाते हैं तो व सिर्फ उन 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। निगरानी के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
इस बार पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रूप से नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जैसे ही आग लगाने की सूचना मिलेगी, तुरंत मौके पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए सैटेलाइट तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा।
कृषि विभाग और इसरो की ओर से 30 नवम्बर तक लगातार लोकेशन ट्रेकिंग की जाएगी। सेटेलाइट तकनीक से कहीं भी धुएं या आग का पता चलते ही टीमों को तुरंत जानकारी दी जाएगी। इससे बचने का कोई रास्ता किसानों के पास नहीं रहेगा।
इसके अलावा प्रशासन ने इस दौरान दशहरा और दीवाली पर सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन क्षेत्र में मौजूद रहेंगे और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे।
उप कृषि निदेशक पवन शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए किसानों को कई तरह की मशीनें और सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसान पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं और अवशेषों को आग लगाने से बचें।