फोटो: 46: भावी जिले गोहाना में शामिल न होने की मांग को लेकर धरना देते खरखौदा क्षेत्रवासी। पाठक
खरखौदा। शहर के उपमंडल कार्यालय के बाहर खरखौदा बचाओ संघर्ष समिति की तरफ से वीरवार को तीन दिवसीय सांकेतिक धरना शुरू कर दिया गया। समिति की मांग है कि किसी भी सूरत में भावी जिला बनने जा रहे गोहाना में खरखौदा हलके को शामिल न किया जाए।
समिति की तरफ से इस दौरान सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक धरना दिया गया और इस बीच एसडीएम डा. निर्मल नागर को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। खरखौदा संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि 19 मार्च को जब क्षेत्रवासियों के संज्ञान में आया कि खरखौदा हलके को जिला बनाने जा रहे गोहाना में शामिल किया जा सकता है तो उस दिन आपत्ति जताते हुए ज्ञापन सौंपा था।
इसके बाद कई दौर की पंचायत हो चुकी हैं और कई बार फिर से ज्ञापन दिए जाने के साथ ही समिति सदस्य हाल ही में मुख्यमंत्री से मिलकर खरखौदा क्षेत्र के गांवों की पंचायतों से प्रस्ताव लेकर भी मुख्यमंत्री को सौंपे जा चुके हैं। जिसमें पंचायतों ने गोहाना जिले का हिस्सा न बनकर सोनीपत जिले में ही खरखौदा को रखने की मांग की है।
लोगों ने कहा कि खरखौदा से सोनीपत की दूरी मात्र 18 किलोमीटर की है, जबकि गोहाना की दूरी इससे दोगुनी, खरखौदा गोहाना से आधुनिक होने के साथ ही विश्व पटल पर अपनी पहचान रखता है और जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वह गोहाना जिले का हिस्सा बनना नहीं चाहते हैं।
इसे लेकर समिति सदस्य एक नवंबर तक सांकेतिक धरना देंगे और इस विषय पर उनकी तरफ से राज्यपाल के भी अपना ज्ञापन सौंपा गया है। विकेश दहिया, रोहताश दहिया, प्रवेश दहिया, धर्मबीर सिंह फोगाट, सतीश आदि मौजूद रहे।