गोहाना (सोनीपत)। बीपीएस महिला राजकीय मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में आईसीएमआर ने पिछले कई दिनों से कोरोना जांच के लिए किट ही नहीं भेजी, जिससे कॉलेज में जांच किट खत्म हो गईं। किट खत्म होने के कारण जहां रविवार को कम जांच हुई, वहीं सोमवार को एक भी सैंपल की जांच मेडिकल कॉलेज में नहीं हो सकी। मेडिकल कॉलेज में आठ जिलों के सैंपल की जांच होती है और वहां किट खत्म होने के कारण कॉलेज प्रशासन ने जांच करने से इंकार कर दिया। जिससे इन सभी जिलों के प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी खड़ी हो गई और उसका समाधान निकालते हुए सभी सैंपल प्राइवेट लैब में भेजे गए। इसका बड़ा नुकसान यह होगा कि जहां मेडिकल कॉलेज में फ्री में जांच होती थी, वहीं स्वास्थ्य विभाग को 1600 रुपये प्राइवेट लैब को जांच के लिए देने पड़ेंगे।
बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां को सोनीपत, पानीपत, जींद, फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत आठ जिलों के सैंपल की आरटी पीसीआर से कोरोना की जांच का सेंटर बनाया गया था। जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद रेपिड एंटीजन टेस्ट कर रही है। जहां जहां शुरूआत में मेडिकल कॉलेज में एक दिन में लगभग 100 सैंपल आते थे, लेकिन वह अब बढ़कर दो हजार से ज्यादा हो चुके हैं। इनकी जांच के लिए आरटी पीसीआर किट आईसीएमआर से सीधे आती है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में पिछले कई दिनों से जांच किट नहीं आ सकी। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिन से छुट्टी थी और उससे पहले जांच किट नहीं भेजी गई। जिससे किट खत्म हो गई और मेडिकल कॉलेज में कोरोना सैंपल की जांच नहीं हो सकी। वहां रविवार को काफी कम सैंपल की जांच की गई तो कालेज प्रशासन ने किट नहीं होने के कारण सोमवार को जांच करने से साफ इंकार कर दिया। इससे सभी जिलों के प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई, क्योंकि जिस संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। उसको देखते हुए जांच लगातार कराना जरूरी है और उसको देखते हुए ही सैंपल को प्राइवेट लैब में जांच के लिए भेजा गया।
प्राइवेट लैब में एक सैंपल जांच के देने पड़ते हैं 1600 रुपये
स्वास्थ्य विभाग से जिन सैंपल को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है, उसके लिए कोई खर्च स्वास्थ्य विभाग को नहीं करना पड़ता है। लेकिन जब कोई सैंपल जांच के लिए प्राइवेट लैब को भेजा जाता है तो उसमें एक जांच के 1600 रुपये देने पड़ते है। इस तरह जांच किट खत्म होने से जितने भी सैंपल प्राइवेट लैब को जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, उनके 1600 रुपये के हिसाब से लैब को देने पड़ेंगे। इस तरह से स्वास्थ्य विभाग को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में किट नियमित रूप से आईसीएमआर को भेजनी होती है। जब किट नहीं आई तो शुक्रवार को वहां अवगत कराया गया था। लेकिन शनिवार व रविवार की छुट्टी के कारण कुछ समस्या हुई है और यहां किट नहीं आ सकीं, जिससे किट खत्म हो गई। हमें उम्मीद है कि मंगलवार को किट आ जाएंगी और उसी समय से नियमित जांच शुरू हो जाएगी।
-डॉ. एपीएस बत्रा, डायरेक्टर बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां।