सोनीपत के नागरिक अस्पताल में महिला के नेत्रों की जांच करती नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुशील। संवाद
सोनीपत। बदलते मौसम में आंखों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज आंखों का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। बच्चों में आंखों का दर्द, पानी आना तो बुजुर्गों में एक आंख से कम दिखना, धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में चिकित्सक की ओर से बच्चों को चश्मा लगाने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही बुजुर्गों को सर्दी के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मौसम में बदलाव का दौर है। ऐसे में आंखों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। इनमें अधिकतर लोगों में आई फ्लू की शिकायत आ रही हैं। आंखों लाल होने से परेशानी बढ़ रही है। वहीं मोतियाबिंद के मरीज भी लगातार आ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना आंखों के 250 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें छोटे बच्चों के साथ बुजुर्ग भी शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आंखों से संबंधित समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। साथ ही आंखों को रुमाल से ही साफ करें। ऐसा न करने पर आंखों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
चिकित्सक डॉ. सुशील मानिकटालिया ने कहा कि बदलते मौसम में आंखों में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आंखों की देखभाल बहुत जरूरी है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस मौसम में सर्द हवाओं के चलने, धूप नहीं निकलने और पाला पड़ने से आंखें शुष्क हो सकती हैं। ऐसा होने से आंखों में खुजली और जलन होने के साथ वह लाल हो सकती हैं। इतना ही नहीं आंखों के आसपास म्यूकस जमना, बेचैनी होना, आंखों में पानी आना जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।
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सर्दी में लगातार आंखों के मरीज बढ़ रहे हैं। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए नेत्र चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लोगों से अपील है कि अगर आंखों में दिक्कत आए तो घरेलू उपचार के बजाय तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
डॉ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल