राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर नेता से लेकर अधिकारी तक सड़क पर उतरे। सफाई के नाम पर गलियों में अभियान चलाया, हाथों में झाड़ू लेकर इधर से उधर दो-चार बार बुहारा। लेकिन अपनी ही आंखों पर जमी औपचारिकता की धूल नहीं हटा सके। राष्ट्रपति की प्रतिमा को छोड़कर किसी ने भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, सर छोटूराम, महाराणा प्रताप और ताऊ देवीलाल की प्रतिमा की सफाई नहीं की। हां, फोटो खिंचवाने में कोई पीछे नहीं रहा। पूछने पर कोई नेता और अधिकारी संतोषजनक जवाब भी नहीं दे सका। डीसी केएम पांडुरंग का कहना है कि निगम प्रशासन से इस चूक के लिए जवाब मांगा जाएगा।
दो अक्तूबर 2014 गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का स्वच्छ बनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत रविवार को स्वच्छ भारत अभियान की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई। शहर में मंत्री कविता जैन के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी व आम आदमी पाटी के नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल मालाएं डालीं, लेकिन शहर में लगी दूसरे महापुरुषों की प्रतिमाओं की किसी ने सुा नहीं ली।
दो करोड़ खर्च के बाद भी शहर के मुख्य चौराहे तक साफ नहीं
नगर निगम की ओर से हर महीने सफाई पर दो करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि मुख्य चौराहों पर शहर की शोभा बढ़ा रहीं महापुरुषों की प्रतिमाएं धूल से अटी हुई हैं। ऐसे में इनकी सफाई के लिए दो करोड़ रुपये भी कम पड़ रहे हैं।
शहर के इन स्थानों पर लगाई गई है प्रतिमा
गांधी की प्रतिमा से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित सिविल अस्पताल के पास स्थित दिल्ली सोनीपत रोड पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की सफाई के लिए कोई भी नेता या कर्मचारी नहीं पहुंचा। गोहाना रोड स्थित सर छोटूराम की प्रतिमा, शहर के मुख्य चौक कहे जाने वाले सुभाष चौक पर लगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा और बस अड्डे के पास स्थित पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की प्रतिमा के पास से सभी गुजरते रहे, लेकिन प्रतिमाओं की सफाई के लिए कोई आगे नहीं आया।
जिसकी जयंती, उसी की सफाई
प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की ओर से जो आदेश मिलते हैं, उसी के अनुसार जयंती मनाते हैं। बात रही अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई की तो वे उसी प्रतिमा की सफाई करते हैं, जिसकी जयंती होती है। अन्य प्रतिमाओं की सफाई का जिम्मा सरकार और अधिकारियों का है।
-प्रदीप गौतम, निवर्तमान जिला अध्यक्ष शहरी कांग्रेस
अधिकारी की जिम्मेदारी
आम आदमी पार्टी हर महापुरुष का सम्मान करती है। गांधी जयंती पर न केवल शहर में सफाई अभियान चलाया, बल्कि राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। जहां तक दूसरे महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई की बात है, यह जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है। करोड़ों रुपये सफाई के नाम पर खर्च करने वाले नेता व अधिकारी इसका जवाब दें।
-विमल किशोर, संयोजक लोकसभा क्षेत्र सोनीपत।
संस्था उठाएं जिम्मेवारी, सरकार करेगी सहयोग
स्वच्छ भारत अभियान पूरे प्रदेश मेेें अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए सरकार खर्च कर रही है, लेकिन सरकार के साथ सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आना होगा। संस्थाएं महापुरुषों की प्रतिमाओं को संभालने की जिम्मेवारी लें। संस्थाओं के सहयोग के लिए सरकार तैयार है। अगर कोई भी संस्था अगर आगे नहीं आती है तो नगर निगम प्रशासन से प्रतिमाओं की सफाई की व्यवस्था करवाई जाएगी।
राजीव जैन, प्रदेश मीडिया प्रमुख भाजपा।
अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा
गांधी जयंती पर हर जगह सफाई की जाती है। राष्ट्रपिता की प्रतिमा के साथ दूसरे महापुरुषों की प्रतिमाओं की भी निगम की ओर से सफाई की जानी चाहिए थी। इसको लेकर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
केएम पांडुरंग, डीसी