सोनीपत। गांव पांची जाटान में पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। वर्ष 2018 में हुए मामले की सुनवाई एएसजे प्रमिंद्र कौर की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को ढाई साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव बड़ी के रहने वाले रणबीर ने 11 सितंबर 2018 को गन्नौर पुलिस को सूचना दी थी कि ससुराल पक्ष ने उसकी बेटी की जलाकर हत्या कर दी। मृतका के पिता रणबीर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 21 फरवरी को अपनी बेटी बबीता की शादी पांची जाटान निवासी कृष्ण के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। बेटी ने कई बार बताया भी मगर वह घर बसाने के लिए उसे समझा कर चुप करवा देते थे। उन्होंने बताया था कि 10 सितंबर को उनके घर पर जागरण का आयोजन था। जिस पर उन्होंने दामाद कृष्ण को बबीता को लेकर आने को कहा तो उसने शाम तक आने की बात कही। मगर वह बबीता को लेकर नहीं आया। बाद में अगले दिन 11 सितंबर को उन्हें फोन आया की बबीता छत से गिर गई। रणबीर ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों को लेकर बेटी की ससुराल पहुंचे तो देखा कि बबीता का जला हुआ शव कमरे में पड़ा था। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी पति कृष्ण, देवर व सास के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। अब अदालत ने दोषी पति कृष्ण को 10 वर्ष कैद की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।