गन्नौर। सरकार से लेकर हर कोई आह्वान कर रहा है कि हमें कोरोना से लड़ना है, कोरोना पीड़ित व्यक्ति से नहीं। लेकिन गन्नौर में कोरोना संक्रमित युवक के परिवार को पहले समाज का उत्पीड़न झेलना पड़ा तो उसके बाद नपा ने घर से कूड़ा उठवाना तक बंद कर दिया। इस तरह के व्यवहार को लेकर युवक की पत्नी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। महिला ने लोगों पर व्हाट्सएप ग्रुपों में उनके परिवार को बदनाम करने का भी आरोप लगाया है। महिला का वीडियो वायरल होने पर एसडीएम ने पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करने की बात कही है।
शहर के शास्त्रीनगर के रहने वाला एक युवक कोरोना पॉजिटिव हो गया था। जिसे स्वास्थ्य विभाग ने कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद युवक के परिवार से अन्य कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव नहीं मिला। लेकिन मोहल्ले के लोगों ने युवक के परिवार से दूरी बना ली और व्हाट्सएप के ग्रुपों में उसके परिवार की पूरी पृष्ठभूमि को उजागर कर दिया। यही नहीं नपा कर्मचारियों ने भी युवक के घर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया। कोरोना को मात देकर घर लौटे युवक की पत्नी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि कोरोना एक बीमारी है, जो आकर चली जाती है। लेकिन दुख की बात यह है कि प्रशासन व लोगों को अपना नजरिया बदलना चाहिए। किसी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर समाज के लोग उसके परिवार की मानसिक प्रताड़ना को अधिक बढ़ा देते है। जबकि सरकार भी बार-बार आग्रह कर रही है कि हमें कोरोना से लड़ना है, कोरोना पीड़ित व्यक्ति से नहीं। उनसे किसी तरह का भेदभाव न करें, बस शारीरिक दूरी बनाकर रखें। वीडियो में कहा गया है कि उसके पति के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर व्हाट्सएपर ग्रुपों में उनका नाम, काम, पारिवारिक पृष्ट भूमि डालकर समाज में डर का माहौल बनाया गया। यह कानूनी व सामाजिक रूप से गलत है।
व्हाट्सएप पर नाम डालना गलत, शिकायत पर मामला होगा दर्ज : एसडीएम
एसडीएम स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति का नाम व्हाट्सएप ग्रुपों में डालना गलत है। अगर इसकी शिकायत पीड़ित देगा तो उसके खिलाफ मामला दर्ज होगा। इस दौरान किसी के परिवार से ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।