सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह अदालत ने आत्महत्या को विवश करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को पांच साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
नई दिल्ली स्थित दशहरा निवासी नवीन ने 30 अगस्त, 2017 को सिटी थाना पुलिस को बताया था कि उनकी चचेरी बहन अंजली और नंदिनी की शादी सोनीपत के राजेंद्र नगर निवासी अमित व सोमबीर के साथ मार्च, 2016 में हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों ने छोटी बहन नंदिनी को दहेज के लिए तंग करना शुरू कर दिया था। उसका पति सोमबीर व सास उसे प्रताड़ित करने लगे थे। उनकी बहन ने मायके में आकर इसे लेकर उन्हें अवगत कराया था। जिस पर उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों को समझाया था, लेकिन वह नहीं माने। प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बहन नंदिनी ने 30 अगस्त, 2017 को जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में सास की भूमिका नहीं मिलने पर पति सोमबीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
अब मामले में सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी सोमबीर को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भादंसं की धारा 306 में पांच साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।