सोनीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से शहर के 23 केंद्रों पर शनिवार को लेवल-3 (पीजीटी) की हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा कराई गई। शनिवार दोपहर बाद 6924 परीक्षार्थियों को लेवल-3 की परीक्षा में बैठना था। इनमें से 5969 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 955 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थी दोपहर 12 बजे के बाद से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए थे। परंतु इस दौरान कई परीक्षा केंद्रों के नाम मिलते-जुलते होने की वजह से परीक्षार्थियों को एक परीक्षा केंद्र से दूसरे तक की दौड़ लगानी पड़ी। अकेली हिंदू संस्था से जुड़ी 8 शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। इसके अतिरिक्त दो रंगीन एडमिट कार्ड नहीं लाने और फोटो के सत्यापित नहीं करवाने जैसी कमियों की वजह से भी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने नहीं दिया गया। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
पहले जांच, फिर तीन तरह से किया वेरिफिकेशन
परीक्षार्थियों को सख्त जांच से गुजरना पड़ा। हर सेंटर पर पहले तो मुख्य द्वार पर ही जांच के बाद परीक्षार्थी अंदर भेजे गए। अंदर एक महिला और एक पुरुष पुलिसकर्मी ने इनकी जांच की। सभी कागजात गेट पर चेक करने के लिए बोर्ड की तरफ से भी एक व्यक्ति की ड्यूटी लगाई गई थी। केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों का तीन तरह से वेरिफिकेशन हुआ। पहले इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस पर अगूंठों के निशान लिए गए, इसके बाद मार्कशीट पर स्याही से अगूंठे लगवाए गए। अंत में हस्ताक्षर भी कराए गए।
महिलाओं को मंगलसूत्र, बिंदी व सिंदूर लगाने की मिली छूट, नथनी, पायल व कंगन निकलवाए
परीक्षा में नकल को रोकने के लिए शिक्षा बोर्ड ने कड़े नियम तय किए है। जिसके अंतर्गत शनिवार को परीक्षा के दौरान महिला परीक्षार्थी अंगूठी, चैन, बालियां, नथुनी, बेल्ट, पायल आदि पहनकर भी परीक्षा केंद्र में नहीं सके। महिलाओं को सिर्फ मंगलसूत्र, बिंदी व सिंदूर लगाकर परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया। कोरोना संक्रमण को लेकर जारी की गई गाइडलाइन के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जिसके बाद उनकी मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली गई। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षार्थियों को बायोमीट्रिक हाजिरी लगवाई गई। कई चरणों की सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षार्थी को अंदर जाने दिया गया। परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी कराई गई गई। परीक्षा केंद्रों में जैमर भी लगाए गए थे।
बनी रही जाम की स्थिति, अभिभावकों को भी परेशानी हुई
शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रही। विशेष तौर पर परीक्षा समाप्त होने पर गीता भवन चौक, सुभाष चौक, छोटूराम चौक, देवी लाल चौक, मुरथल अड्डा चौक पर जाम की स्थिति रही। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत से वाहनों की आवाजाही सुचारू करवाई। शनिवार को बारिश और ठंड के कारण परीक्षार्थियों के साथ आए अभिभावकों को भी परेशान होना पड़ा। कई परीक्षार्थी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ आए हुए थे। महज 16 डिग्री तापमान पर परीक्षार्थियों के अभिभावक कई घंटों तक परीक्षा केन्द्र के बाहर ही खड़े रहे।
दिल्ली से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को झेलनी पड़ी परेशानी
परीक्षा देने के लिए दिल्ली से भी लोग पहुंचे। लेकिन कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के कारण लोगों को लोकल रूटों से सोनीपत पहुंचना पड़ा। जिसके कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर भी पैसेंजर ट्रेनें न चलने की वजह से अधिकतर परीक्षार्थियों को सड़क के रास्ते आना पड़ा। कई परीक्षार्थियों ने पहले से ही उन एक्सप्रेस ट्रेनों में अपनी टिकटें बुक करवा ली थी जो दिल्ली से चलने के बाद सोनीपत रेलवे स्टेशन पर भी रुकती है।
वर्जन
शहर के 23 केंद्रों पर हुई एचटेट के लेवल 3 की परीक्षा में 5969 परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचे। जबकि 955 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। रविवार को लेवल 2 और लेवल 1 की परीक्षा कराई जाएगी।
- जोगेंद्र सिंह हुड्डा, डीईओ सोनीपत।