जीवीएम गर्ल्स कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में अपनी बात रखते वक्ता। स्रोत : संस्था
सोनीपत। इतिहास और समाज : समय, स्थान और विचार के संदर्भ विषय पर बताया गया कि इतिहास केवल अतीत का अध्ययन नहीं बल्कि समाज में होने वाले निरंतर परिवर्तनों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह बात वक्ताओं ने संगोष्ठी में कही। संगोष्ठी का आयोजन जीवीएम गर्ल्स कॉलेज में शुक्रवार को इतिहास विभाग की ओर से किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इतिहास के अध्ययन से समाज में हो रहे आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों को समझने में सहायता मिलती है। संगोष्ठी के दौरान सामाजिक संरचना, वर्ग संघर्ष, औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक भारत के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों जैसे विषयों पर भी गंभीर विमर्श हुआ। कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. ओपी परुथी तथा प्रधानाचार्य डॉ. मंजुला स्पाह ने सफल आयोजन की सभी को बधाई दी।
कार्यक्रम में शोधपत्र प्रस्तुतीकरण के सत्र भी आयोजित किए गए जिनमें प्रतिभागियों ने इतिहास के विभिन्न विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए। इन शोधपत्रों में सामाजिक संस्थाओं, ऐतिहासिक परिवर्तन, संस्कृति, धर्म, जाति, लिंग तथा वैचारिक परंपराओं जैसे मुद्दों पर विचार रखे गए।