सोनीपत। जीवनशैली में बदलाव और अनियमित खानपान की वजह से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे है। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह व मोटापे का शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह से हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
उच्च रक्तचाप की वजह से हृदयाघात का खतरा बना रहता है। ऐसे में चिकित्सक की ओर से 30 वर्ष से ज्यादा की उम्र के लोगों को समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने की सलाह दी जा रही है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1800 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें हृदय रोग से संबंधित 20 से 25 लोग शामिल होते हैं। यहां इलेक्ट्रोकॉर्डियोग्राम (ईसीजी) कराने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है।
ईसीजी से तत्काल जांच कर परिणाम तक पहुंचना आसान हो जाता है कि मरीज हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित है या नहीं। वर्तमान में लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए विभाग की ओर से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत एक सप्ताह में मधुमेह जांच के लिए 7,156 पुरुष और 10,773 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई है। उच्च रक्तचाप जांच के लिए 7,550 पुरुष और 11,269 महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
इनसे होता है बीमारियों का खतरा
तंबाकू, मोटापा, फल व सब्जियों का कम मात्रा में सेवन, नमक, मिठाइयां, तली चीजें, फास्ट फूड एवं शीतल पेय पदार्थ के अधिक सेवन से हृदय रोग एवं अन्य गैर संक्रामक रोग होने का खतरा बढ़ता है। ऐसे में इसके प्रति खुद जागरूक होने के साथ लोगों को इन बढ़ती बीमारियों के खिलाफ जागरूक कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसके लिए बीमारियों की जानकारी देने के साथ लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाना होगा।
हार्ट अटैक से बचाव के लिए यह जरूरी
हार्ट अटैक से बचाव के लिए सप्ताह में प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करें। संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां खाएं और नमक प्रतिदिन 5 ग्राम से कम खाएं। अपने वजन को नियंत्रित रखें। तंबाकू व शराब न पीए। मानसिक तनाव को कम करें व नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर धमनियों में ब्लॉक के निर्माण को बढ़ावा दे सकता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। अपने वजन को कंट्रोल बनाए रखना हृदय पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए जरूरी है। - डॉ. जेएस पूनिया, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य महानिदेशक एवं छाती रोग विशेषज्ञ।