सोनीपत। दहिया कॉलोनी में बिजली का फाल्ट ठीक करने गये हेल्पर को करंट लगा और वह खंभे से गिर गया। इसके चलते उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। वहीं परिजनों ने बिजली निगम के अधिकारियों व संबंधित एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हेल्पर की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। आरोप यह भी है कि हेल्पर से लाइनमैन का काम लिया जा रहा था।
रोहतक के कमला नगर निवासी मैनपाल ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि उनका छोटा बेटा नीरपन (32) बिजली निगम का काम देखने वाली इम्पीरियल इलेक्ट्रिक कंपनी में हेल्पर का काम करता था। वह गांव हरसाना में उनकी बड़ी बेटी रुमन के पास किराए पर रहता था। वह शनिवार सुबह दहिया कॉलोनी स्थित गली नंबर 5 में कालूपुर फीडर के खंभे पर फाल्ट ठीक करने गए थे। क्षेत्र में शुक्रवार रात से ही बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही थी। इसके चलते लोगों को परेशानी हो रही थी। जब वह खंभे पर चढ़कर फाल्ट को दूर कर रहे थे तो करंट लगने से नीचे गिर गए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनका रिश्तेदार गांव हरसाना निवासी संदीप मिला। उसने बताया कि नीरपन करीब दस बजे खंभे पर बिजली की तार ठीक कर रहे थे कि बिजली निगम ने नीरपन व साथी कर्मचारियों को बिना सूचना दिए बिजली सप्लाई चालू कर दी। इससे करंट लगकर नीरपन गिर गए और उसकी मौत हो गई। मेनपाल के बयान पर बिजली निगम के एसडीओ, जेई, कंपनी के मैनेजर व अन्य कर्मियों पर लापरवाही का पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साढ़े तीन साल की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया
मैनपाल ने बताया कि उनके तीन बच्चों में नीरपन सबसे छोटे थे। उनकी मौत से पत्नी संगीता का रोकर बुरा हाल है। उनकी साढ़े तीन साल की बेटी शानवी के सिर से पिता का साया सदा के लिए उठ गया है। वह करीब 6-7 माह से अपनी बहन रुमन के पास गांव हरसाना में किराए पर रह रहे थे। सात माह से कंपनी में बतौर हेल्पर कार्यरत थे।