सोनीपत। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए यात्रियों को इधर-उधर न भागना पड़े, इसके लिए अलग से खिड़की (पूछताछ केंद्र) को बुकिंग काउंटर के साथ खोला गया था। अलग से तैयार खिड़की को सहयोग खिड़की का नाम दिया गया है, ताकि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री बुकिंग काउंटर पर टिकट लेने के साथ ही ट्रेनों की जानकारी हासिल कर सकें। सोनीपत स्टेशन पर सहयोग खिड़की बंद रहने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रेलवे ने दिल्ली-अंबाला रूट के सभी स्टेशनों पर यात्रियों को सुविधा देने के लिए दिसंबर 2022 में टिकट काउंटर के साथ सहयोग खिड़की खोलने की योजना बनाई थी। इस व्यवस्था को जनवरी 2023 में सोनीपत, पानीपत व जींद सहित आसपास के स्टेशनों पर लागू किया गया था। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर के साथ पूछताछ केंद्र खोला गया था। लेकिन सोनीपत स्टेशन पर यह सहयोग अब बंद नजर आ रहा है। दैनिक यात्री मोहित कुमार, संगीता देवी, पूनम, अमित कुमार, संदीप सिंह व नरेश कुमार के अनुसार सोनीपत स्टेशन पर अक्सर सहयोग खिड़की बंद रहती है। शुरुआत के दिनों में खिड़की के खुलने से यात्रियों को भरपूर सहयोग मिल रहा था, लेकिन अब यात्री टिकट काउंटर पर ट्रेनों की जानकारी लेते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, लेकिन रेलवे अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
स्टेशन पर अप-डाउन में करीब 23 ट्रेनों का है ठहराव
सोनीपत स्टेशन पर अप-डाउन में करीब 23 ट्रेनों का ठहराव है। यहां से रोजाना करीब 40 हजार यात्री दिल्ली-अंबाला रूट पर आवागमन करते हैं। ऐसे में सहयोग खिड़की बंद रहने से यात्री परेशान हैं। दैनिक यात्रियों की मांग है कि यात्रियों की सुविधा के लिए सहयोग खिड़की को फिर से खोला जाए, ताकि उन्हें ट्रेनों की जानकारी मिल सके।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए ही सहयोग खिड़की (पूछताछ केंद्र) बनाए गए हैं। अगर सोनीपत स्टेशन पर खिड़की को नहीं खोला जा रहा है तो इस बारे में अधिकारी से पूछताछ की जाएगी। अगर रेलवे कर्मी के आसपास जाने के दौरान खिड़की को बंद किया गया होगा तो उसे लगातार खोलने के निर्देश दिए जाएंगे। यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- दीपक कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे