गोहाना। खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज के भवन पर जल्द ही हेलीपैड बनाया जाएगा। इसके बाद मरीजों को जरूरत पड़ने पर हवाई एंबुलेंस (हेलीकॉप्टर) से दूसरी जगह रेफर किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ने मेडिकल कॉलेज से हवाई एंबुलेंस को लेकर व्यवस्था का ब्योरा मांगा है। अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को रेफर करने के लिए हाईटेक व्यवस्था करने जा रहा है। मुख्यालय ने सभी मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में अधिकारियों को हवाई एंबुलेंस के लिए पर्याप्त स्थान, हेलीपैड से संबंधित जानकारी देना शामिल है, ताकि विभाग की ओर से हेलीपैड बनाया जा सके। इसके बाद हवाई एंबुलेंस से ज्यादा गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर करने, सड़क हादसों में घायलों को उपचार के लिए अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाता है। शहर की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। कई बार एंबुलेंस जाम में फंस जाती है। एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीज की जान का जोखिम बढ़ जाता है, इसलिए विभाग की ओर से हवाई एंबुलेंस की योजना बनाई जा रही है।
ऑन डिमांड आएगी हवाई एंबुलेंस
खानपुर मेडिकल कॉलेज में हवाई एंबुलेंस ऑन डिमांड बुलवाई जाएगी। इसके लिए मरीज के परिजनों को लिखित में देना होगा। साथ ही हवाई एंबुलेंस का खर्च भी वहन करना होगा। उपलब्धता अनुसार दिल्ली, हिसार व चंडीगढ़ से हवाई एंबुलेंस बुलाने का प्रावधान रखा जाएगा।
गोहाना के नागरिक अस्पताल में हेलीपैड के लिए नहीं है जगह
गोहाना के नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए दो एंबुलेंस उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब गंभीर हालत में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा शुरू करने की योजना तैयार की है, ताकि मरीज को हेलीकॉप्टर की मदद से दूसरे बड़े अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, लेकिन गोहाना का नागरिक अस्पताल शहर के बीचों-बीच बना है। अस्पताल का परिसर काफी छोटा है। ऐसे में यहां हवाई एंबुलेंस के लिए हेलीपैड नहीं बनाया जा सकता है।
वर्जन
मुख्यालय ने मेडिकल कॉलेज में हवाई एंबुलेंस सुविधा शुरू करने के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। मेडिकल कॉलेज की तरफ से रिपोर्ट भेज दी गई है। अस्पताल की छत पर हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद ही हेलीपैड बनाने का काम शुरू किया जाएगा।-डॉ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां