सोनीपत। एक पिता के लिए इससे बड़ा दर्द शायद ही कोई हो कि वह अपने बेटे की अंतिम चीखें मोबाइल पर सुने और कुछ देर बाद उसकी मौत की खबर मिल जाए। गांव खंदावली निवासी शिवकुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। शनिवार रात आई एक कॉल ने उसके परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। विशाल जो परिवार की उम्मीदों का सहारा था, अब दुनिया में नहीं है।
शिवकुमार ने बताया कि शनिवार रात उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। दूसरी ओर अनुज उर्फ तनुज बात कर रहा था। बातचीत के दौरान उन्हें अपने बेटे विशाल के रोने और दर्द से चीखने की आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं। पीछे से दो-तीन अन्य लोगों की आवाजें भी आ रही थीं जो कह रहे थे कि तुम्हारे बेटे को खत्म कर दिया है और अब उसे उठाकर ले जाओ।
यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन रातोंरात राई पहुंचे जहां पता चला कि विशाल की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है।
चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे विशाल
विशाल अपने परिवार में चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी दो बहन व एक भाई है। माता-पिता को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। वह नौकरी कर परिवार का सहारा बनने की कोशिश कर रहे थे, एक वारदात ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
पहले बड़े भाई के साथ रहता था विशाल
विशाल के बड़े भाई अतुल ने बताया कि जब विशाल नौकरी करने के लिए राई आया था तो शुरुआत में वह उनके साथ किराए के मकान में रहते थे। बाद में छोटी सी बात पर अनबन होने पर विशाल पड़ोस के ही दूसरे मकान में रहने लगा। हालांकि दोनों के बीच बातचीत और पारिवारिक संबंध सामान्य बने रहे।
हत्या के पीछे है पैसों का विवाद
अतुल ने बताया कि हत्या के पीछे मुख्य कारण पैसों का विवाद है। आरोप है कि आरोपियों के साथ विशाल का रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। पैसे लौटाने से बचने के लिए महिला का नाम बीच में लाकर पूरे मामले को प्रेम प्रसंग का रंग दिया गया और इसी बहाने विशाल को निशाना बनाया गया। परिवार का कहना था कि विशाल से करीब 40 हजार रुपये उधार लिए गए थे।
खेत में बेरहमी से पीटने का आरोप
अतुल का आरोप है कि विशाल को गांव जठेड़ी से बाहर खेत में ले जाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। उनके भाई के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और तब तक मारपीट की गई जब तक उनकी मौत नहीं हो गई।