बदलते मौसम के साथ ही सामान्य अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। विभाग अभी मलेरिया और चिकनगुनिया से ठीक तरह से निपटा ही नहीं था कि वायरल के प्रकोप ने टेंशन बढ़ा दी। वहीं, दिवाली के बाद फैले स्मॉग ने लोगों को और भी परेशान कर दिया है। वातावरण में फैैले प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है।
आम दिनों में जहां वायरल के 15 से 20 मरीज सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पहुंचते थे, अब यह आंकड़ा 70-80 के बीच पहुंच गया है। पिछले 15 दिनों से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकतम तापमान 28-33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15-20 डिग्री के बीच में जारी है। इससे रात को ठंड व दिन में गर्मी महसूस हो रही है।
दो दिन पहले हो चुकी है वायरल पीड़ित की मौत
पिछले एक सप्ताह से गांव ककरोई निवासी राकेश वायरल बुखार से पीड़ित था। दो दिन पहले जब उसकी हालत और भी गंभीर हो गई तो परिजन उसे सिविल अस्पताल में ले आए। जहां पर उसे समय पर इलाज नहीं मिल पाया तो आधे घंटे में चिकित्सक की इंतजार में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया था।
स्मॉग पड़ रहा बच्चों पर भी भारी
मौसम में एकदम हुए बदलाव से छोटे बच्चों को खांसी, जुकाम व बुखार ने घेर लिया है। इससे सामान्य अस्पताल में रोजाना भीड़ लग रही है। डॉक्टर द्वारा अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
मौसम में काफी परिवर्तन आ गया है। मौसम परिवर्तन के कारण ही वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। रोजाना ओपीडी में 70-80 मरीज आ रहे हैं।
डॉ. सुशील जैन, मेडिकल स्पेशलिस्ट, सिविल अस्पताल
वातावरण में फैला धुआं अब मौसम के बदलाव की वजह से आई धुंध में मिल चुका है। इसे क्षेत्र में स्मॉग की स्थिति बन गई है। इससे राहत केवल बारिश होने की स्थिति में मिल सकती है। अगर बारिश नहीं होती है तो लोगों को इस समस्या से लंबे समय तक जूझना पड़ेगा।
-डॉ. चंद्रशेखर डागर, मौसम वैज्ञानिक, कृषि धान अनुसंधान केंद्र, कैथल।