फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैला डायरिया तो खुला खाकी के किराएदारी का खेल

Sat, 26 Dec 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में नियमों को ताक पर रखकर जहां किराए का खेल चल रहा है, वहीं बिल्डिंग बाई लॉज की दुहाई देकर कार्रवाई करने वाला नगर निगम प्रशासन आंख बंद किए है। शुक्रवार को इसका खुलासा उस समय हुआ, जब जनता कॉलोनी स्थित एक ही मकान में रहने वाले 10 लोग डायरिया से बीमार होकर सिविल अस्पताल पहुंचे। शाम को सीएमओ के नेतृत्व में विभाग की टीम कॉलोनी पहुंची तो पूरे खेल से पर्दा उठा। यहां मात्र 200 से 250 गज के प्लॉट में 58 के करीब छोटे-छोटे कमरों में 300 के करीब लोग रहते मिले। यहां बिहार से आए प्रवासी परिवार रहते हैं। कमरे आठ बाई आठ के करीब हैं। एक परिवार में तीन से चार बच्चे और दंपति रहतेे हैं। साथ में पीने के लिए एक अंडर ग्राउंड टंकी बनी है। उस टंकी में पब्लिक हेल्थ की तरफ से पानी की सप्लाई की जा रही हैं। नजदीक ही सात से आठ शौचालय बने हैं। सीएमओ ने डीसी को इस संबंध में पत्र लिखने की बात कही है।
विज्ञापन


एक रेफर, 10 की हालत गंभीर, दो साल से ठप पड़ी सीवरेज लाइन
जनता कॉलोनी में डायरिया से दहशत का माहौल बन गया। 5 बच्चों समेत 11 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए हैं, जिन्हें सुबह अस्पताल ले जाया गया। शाम को एक मरीज को खानपुर रेफर कर दिया गया। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि बीमारी पीने के गंदे पानी की आपूर्ति से फैली है। लोगों ने बताया कि दो वर्षों से सीवर लाइन ठप पड़ी है। सीवर व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग को लेकर लोगों ने सड़क पर उतर जाम, प्रदर्शन के साथ अधिकारियों से भी मुलाकात कर चुके है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई विशेष कदम न उठाए जाने पर सीवर का गंदा पानी भी पेयजल मेें मिलकर घरों में सप्लाई किया जाने लगा।

ये हुए बीमार
शुक्रवार को सुरेंद्र (30), मनोज (27), विनोद (25), सौरव (4), नेहा (6), भावना (3), रवीना (1), लक्की (1) व अन्य डायरिया की चपेट में आने के बाद सिविल अस्पताल पहुंचे। बच्चों समेत आठ को भर्ती कर लिया गया। जहां डॉक्टरों ने बीमार लोगों में डायरिया की पुष्टि की। पीड़ितों का कहना है कि एक सप्ताह से कालोनी में लगे सरकारी नलों में गंदा -काला पानी आ रहा है। उन्हें मजबूरी के चलते बदबूदार पानी पीना पड़ रहा है। पिछले दो वर्षों से कालोनी मेें सीवर समस्या भी बनी हुई है। क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के मुलाजिम कुछ नहीं कर रहे हैं। बीमारी बढ़ने से कालोनी के लोगों में दहशत व्याप्त है।
विज्ञापन


दो दिन पहले लगाया था जाम
दिल्ली रोड पर सीवर की समस्या से परेशान होकर जनता कालोनी के लोगों ने 23 दिसंबर को दिल्ली रोड पर उतर आए थे। करीब 20 मिनट बाद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन के पीए ने यहां पर आकर जाम खुलवाया था और वहां पर मौका भी देखा था। दो दिन बीतने के बाद भी क्षेत्र में जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुआयना तक नहीं किया।

विभाग की ओर से डायरिया की सूचना के बाद क्षेत्र का दौरा सिविल सर्जन के नेतृत्व में किया जा रहा है। यहां पर टीम ने पानी से भरी हुई बदहाल टंकियों को चेक किया गया। क्षेत्र से पानी के सैंपल लिए जाएंगे और आस-पड़ोस मेेें भी स्वच्छ पानी के सैंपल भरे जाएंगे। साल भर में विभाग की ओर से जिले भर से 400 से ज्यादा सैंपल तक भरे जा चुके हैं।
-वीरेंद्र सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग

हालत देखकर रह गया हैरान : सीएमओ
सीएमओ जेएस पूनिया ने बताया कि वे खुद जनता कॉलोनी में गए, जहां कमरों की हालत देखकर दंग रह गए। इतनी कम जगह में 300 के करीब लोग रह सकते हैं। खास बात यह है कि हर परिवार में तीन से चार बच्चे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तरफ से न केवल पानी की टंकियों में पाउडर डाला है, बल्कि पीड़ित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। साथ ही कालोनी के लोगों केे एंबुलेंस का नंबर दिया गया है। तत्काल मरीजों को अस्पताल में पहुंचाया जा सके।

1200 रुपए किराया, बिजली का अलग
पीड़ित परिवारों ने बताया कि यह कमरे एक पुलिसकर्मी के हैं। हर परिवार से 1200 रुपये प्रति माह किराया और बिजली का बिल अलग से लिया जाता है। सुविधा के नाम पर 58 कमरों में रह रहे परिवारों के लिए मात्र आठ शौचालय बनाए गए हैं, जबकि पीने के पानी के लिए एक अंडर ग्राउंड और एक ऊपर टंकी बनी है।

कहां गए बिल्डिंग बाईलॉज
बिल्डिंग बाईलाज 1982 के तहत नगर निगम एरिया में किसी भी कामर्शियल और रिहायशी मकान को बनाने के लिए नक्शा पास कराना पड़ता है। सुरक्षा मापदंडों को ध्यान में रखकर ही निगम की बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारी नक्शा पास करते हैं, लेकिन इस तरह शहर में पनप रही कामर्शियल कॉलोनियों को बनाने की किसने अनुमति दी, यह तो निगम प्रशासन ही बता सकता है। जनता कालोनी के जिस 58 कमरों में प्रवासी परिवार रह रहे हैं, यह एक पुलिसकर्मी के बताए गए हैं।

बेहद गंभीर मामला, बिल्डिंग ब्रांच से मांगेंगे जवाब
नगर निगम आयुक्त एवं डीसी राजीव रतन का कहना है कि आखिर जनता कालोनी में इस तरह कैसे मकान बन गए। निगम की बिल्डिंग ब्रांच से जवाब मांगा जाएगा। साथ में सीएमओ जेएन पूनिया से पूरी रिपोर्ट लेंगे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें