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हेल्थ विभाग के दो ईएमटी पर गाज गिरनी तय

Sat, 12 Dec 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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पलड़ी गांव के पास 24 नवंबर की शाम को सड़क हादसे का शिकार हुए ठरू गांव के युवक प्रवीण की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के दो ईएमटी पर गाज गिरनी तय है। साथ में ड्राइवर के खिलाफ आगे की जांच के लिए विभाग नर्सिंग डिपार्टमेंट को पत्र लिखेगा। सीएमओ की ओर से गठित डॉक्टर गिन्नी लांबा, नीरज यादव और एंबुलेंस सेवा मैनेजर प्रवीण सांगवान के पैनल ने अपनी जांच पूरी कर ली है, जो मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को देगा। इसके बाद सीएमओ मामले में कार्रवाई कर सकते हैं।  
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ईएमटी को नहीं है व्यक्ति को मृत बताने का अधिकार
नियमों के तहत एंबुलेंस में वह डेडबॉडी नहीं लाई जा सकती, जिसमें यह पूरी तरह साफ हो कि संबंधित व्यक्ति की मौत काफी समय पहले हो चुकी है या किसी तरह के शक की गुंजाइश न हो। उदाहरण के तौर पर अगर व्यक्ति का शव पानी में डूबने से फूल चुका हो या ट्रेन से कटकर दो टुकड़े हो गया हो या शव गलकर सड़ चुका हो। तीन सदस्यीय पैनल ने जांच में पाया कि इस केस में हेल्थ विभाग को छह बजे के करीब हादसे की सूचना मिली। 10 से 15 मिनट बाद एंबुलेंस पहुंच गई। एंबुलेंस में गए ईएमटी ने युवक प्रवीण को मृत मान लिया और शव वहीं छोड़कर आ गया। जबकि नियमों के तहत उसे प्रवीण को एंबुलेंस में लेकर आना चाहिए था। जब तक अस्पताल में ऑन ड्यूटी डॉक्टर उसे मृत घोषित नहीं कर देता, तब तक उसे मृत नहीं माना जा सकता।

ड्यूटी किसी की, एंबूलेंस में कोई और  
कमेटी ने जांच में यह भी पाया है कि उस दिन जिस ईएमटी की ड्यूटी थी, उसकी आंख में दर्द था। उसने अपने दूसरे साथी को जाने के लिए बोला था, लेकिन इसके लिए अपने आला अधिकारियों से अनुमति नहीं ली थी। हालांकि रजिस्टर में जाने वाले ईएमटी का नाम लिखा है। जाने वाला ईएमटी युवक को मृत मानकर एंबुलेंस में लेकर नहीं आया।
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लघुसचिवालय के बाहर शव रखकर किया था परिजनों ने प्रदर्शन
ठरू के दिलावर, रवींद्र और अन्य ने बताया कि ठरू गांव निवासी प्रवीण (22) बड़ौत में चाउमिन का ठेला लगाता था। ज्यादातर समय वहीं रहता था, लेकिन घर पर जरूरी काम के चलते 24 नवंबर को बाइक पर घर के लिए चला। रास्ते में पलड़ी गांव के पास उसका एक्सीडेंट हो गया। पता चला कि सामने नील गाय आने से बाइक पेड़ से टकरा गई। टक्कर में प्रवीण बुरी तरह घायल हो गया। ग्रामीणों का आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रवीण को सिविल अस्पताल में लाने की बजाए उसे डेड मानकर वापस आ गई। दोबारा जब तक परिजन उसे लेकर आए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके चलते परिजनों ने 25 नवंबर को लघु सचिवालय के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया था। सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर डाक्टरों का तीन सदस्यीय पैनल गठित कर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

ईएमटी की लापरवाही मिली, जल्द होगी कार्रवाई
तीन सदस्यीय पैनल ने रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसमें एक ईएमटी पर युवक को डेड मानकर अस्पताल न लेकर आने की लापरवाही निकल कर सामने आई है, जबकि दूसरे ईएमटी ने अपनी जगह दूसरा साथी भेज दिया, लेकिन इसकी आला अधिकारियों से  अनुमति नहीं ली। मंगलवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की  जाएगी। जहां तक ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई का सवाल है, इसके लिए नर्सिंग विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
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-जसवंत सिंह पूनिया, सीएमओ
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