भारतीय स्टार महिला हॉकी खिलाड़ी ज्योति रुमावत।
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हरियाणा के सोनीपत में जवाहर नगर निवासी भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी ज्योति रुमावत महिला हॉकी इंडिया लीग में सूरमा हॉकी क्लब की तरफ से खेलेंगी। ज्योति ने छठी कक्षा से हॉकी खेलना शुरू किया था। परिवार की आर्थिक स्थित इतनी कमजोर थी कि ज्योति के पास फीस भरने व जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे। अब बेटी परिवार की आर्थिक मदद कर रही है। बेहतर सुविधाएं न होने के बावजूद ज्योति ने यह मुकाम हासिल किया है।
ज्योति ने वर्ष 2010 से हॉकी स्टिक संभाली थी। इसके बाद कड़े अभ्यास की बदौलत साल 2015 में जूनियर एशिया कप में भारतीय दल का हिस्सा बनी और अपनी प्रतिभा दिखाई। वर्ष 2019 में पहली बार भारतीय सीनियर हॉकी टीम का हिस्सा बनी। उन्होंने पिछले साल झारखंड के रांची में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा थी। ज्योति ने अब तक छह अंतरराष्ट्रीय गोल किए हैं व अब वह भारतीय महिला हॉकी टीम में बतौर डिफेंडर खेलती हैं।
ज्योति की मां सरोज बताती हैं कि बेटी के बेहतर भविष्य और परिवार का खर्च चलाने के लिए हमने कड़ी मेहनत की थी। अब बेटी के शानदार खेल प्रदर्शन की बदौलत लीग में 16 लाख रुपये में सूरमा टीम ने शामिल किया है, जिससे परिवार में जश्न का माहौल है। ज्योति की दादी मूर्ति देवी ने बताया कि बेटी ने परिवार का नाम रोशन कर दिया है।
उन्होंने बताया कि यह ज्योति की लगन व मेहनत का नतीजा है। हमें पूरी उम्मीद है कि प्रतियोगिता में ज्योति बेहतर खेल का प्रदर्शन करेगी। ज्योति के बेहतर प्रदर्शन की बदौलत वर्ष 2022 में इंडियन ऑयल ने उन्हें खेल कोटे से नौकरी दे रखी है।
ज्योति की उपलब्धियां
ज्योति अब तक भारतीय हॉकी टीम की तरफ से खेलते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में तीन बार प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट व चार बार प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। वह वर्ष 2022 में बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों व एशिया कप में कांस्य पदक विजेता टीम का हिस्सा रही हैं। अब उन्हें 16 लाख रुपये में सूरमा हॉकी क्लब की टीम ने अपने दल में शामिल किया है।
मां व प्रशिक्षक का रहा अहम योगदान
ज्योति बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब जूते तक खरीदने के रुपये नहीं होते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उस समय मां ने घरों में काम करके मेरे खेल को जारी रखवाया। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान एवं द्रोणाचार्य अवार्डी प्रशिक्षक प्रीतम सिवाच ने हॉकी के गुर सिखाए व साथ में मेरा हौसला बढ़ाया। अब महिला हॉकी इंडिया लीग में खेलने का मौका मिलेगा। यह मेरे लिए नया अनुभव होगा। देश में पहली बार महिलाओं के लिए ऐसी कोई प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए काफी उत्साहित हूं।