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Haryana: हुड्डा के गढ़ में 57 साल में पहली बार भगवा लहराने का अरविंद शर्मा को मिला इनाम

Thu, 17 Oct 2024 08:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

वर्ष 1967 में बनी गोहाना विधानसभा क्षेत्र सीट से पहली बार डॉ. अरविंद शर्मा ने जीत दर्ज कर कमल खिलाया है। अब डॉक्टर अरविंद शर्मा को सीएम सैनी की कैबिनेट में जगह मिली है।
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डॉ. अरविंद शर्मा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गोहाना विधानसभा सीट पर वर्ष 1967 के बाद पहली बार भाजपा का कमल खिलाने वाले डॉ. अरविंद शर्मा को भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। उन्हें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ व देशवाली बेल्ट में शामिल गोहाना विधानसभा क्षेत्र सीट पर भगवा लहराने का इनाम मिला है।

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राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले डॉ. अरविंद शर्मा गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक व अब कैबिनेट मंत्री बनने से पहले तीन लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे हैं। डॉ. अरविंद शर्मा ने सबसे पहले वर्ष 1996 में सोनीपत लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के साथ ही जीत दर्ज कर सभी को चौका दिया था।

बाद में कांग्रेस का दामन थामा और वर्ष 2004 व 2009 में करनाल से सांसद बने। वर्ष 2014 में लोस चुनाव हारने के बाद बसपा में चले गए। वह यमुनानगर और जुलाना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे। वर्ष 2019 में भाजपा का दामन थामा और रोहतक लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज दीपेंद्र हुड्डा को 7503 वोट से हराकर कद्दावर नेताओं में शुमार हो गए। हालांकि मई में लोकसभा चुनाव में दीपेंद्र से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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अब अक्तूबर में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें गोहाना से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने चार बार के विधायक कांग्रेसी नेता जगबीर मलिक को हराकर हुड्डा के गढ़ में 57 साल में पहली बार कमल खिला दिया।

गोहाना से टिकट मिला तो हो गया था विरोध
विधानसभा चुनाव में अचानक गोहाना विधानसभा सीट पर स्थानीय दावेदारों को किनारे कर भाजपा ने रोहतक के पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को टिकट थमाकर सभी को चौका दिया था। स्थानीय नेताओं ने ही डॉ. अरविंद शर्मा को टिकट दिए जाने का विरोध किया था। इसके बाद मैदान में आए डॉ. अरविंद ने ज्यादातर विरोधियों को न केवल शांत किया बल्कि अपने पक्ष में उनसे प्रचार कराने में सफल रहे। गोहाना सीट पर भूपेंद्र हुड्डा की छवि का असर होने से यहां से जीत पाना मशक्कत भरा था। फिर भी डॉ. शर्मा ने जगबीर मलिक को हराकर जीत दर्ज की।

गोहाना से चौथे व जिले से 21वें मंत्री बने
डॉ. अरविंद शर्मा गोहाना विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने के बाद मंत्री बनने वाले चौथे नेता हैं साथ ही जिले से वह 21वें मंत्री बने हैं। उनसे पहले गोहाना से वर्ष 1967 में कांग्रेस के रामधारी गौड़, 1987 में लोकदल के किशन सिंह सांगवान व 1996 में हविपा से जगबीर मलिक मंत्री रह चुके हैं।

प्रोफाइल : गोहाना से भाजपा विधायक डॉ. अरविंद शर्मा
उम्र :
62 वर्ष
शिक्षा : भारतीय डेंटल सर्जन, एमडीएम (एमडीयू रोहतक)
गांव: एमसी माजरा, झज्जर, हरियाणा
राजनीतिक अनुभव : 28 साल
कार्य : राजनीति
परिवार : उनके पिता का नाम पं. सतगुरु दास शर्मा और मां का नाम बिमला देवी है। डॉ.अरविंद शर्मा की शादी 9 नवंबर 1989 को रीता शर्मा से हुई।
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प्रदेश में गोहाना विधानसभा क्षेत्र में कमल खिलाने वाले डॉ. अरविंद शर्मा को मुख्यमंत्री नायब सैनी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वह इससे पहले केंद्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव में गोहाना में भाजपा को जीत दिलाने पर भाजपा सरकार की तरफ से उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। अरविंद शर्मा ने वर्ष 1996 में सोनीपत लोकसभा से निर्दलीय चुनाव लडकऱ जीत दर्ज की थी और सांसद बनकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गए और करनाल से वर्ष 2004 व 2009 में सांसद का चुनाव जीता था। वर्ष 2014 में करनाल से भाजपा प्रत्याशी अश्विनी चोपड़ा से हार गए थे। वह तब इंडियन नेशनल कांग्रेस को छोडकऱ बसपा में शामिल हो गए थे, जहां उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया गया था। डॉ. अरविंद शर्मा ने यमुनानगर और जुलाना से विधानसभा का चुनाव लड़ा था, हालांकि वह दोनों सीटों पर हार गए थे। जिसके बाद वह वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और रोहतक सीट पर सांसद का चुनाव लड़ा। चुनाव में वह रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा को 7503 मतों से हराकर सांसद बने। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से गोहाना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और तीन बार के कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक को हराकर कमल खिलाया। पहली बार गोहाना में भगवा फहराने का इनाम उन्हें अब कैबिनेट मंत्री के रूप में मिला है।

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