सोनीपत। मानव मिलन के संस्थापक एवं नेपाल केसरी राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में कई पहलू होते हैं, जो हमें परखते हैं। यह पहलू हमें हर दिन न केवल अपने भीतर की शक्ति को पहचानने का अवसर देते हैं, बल्कि हमें जीवन के गहरे अर्थों को समझने का भी एक अनोखा दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। चुनौतियां जीवन के संघर्ष, प्रयास व सफलता के मार्ग को साफ दर्शाती हैं।
डॉ. मणिभद्र महाराज चातुर्मास संपन्न होने पर सेक्टर-15 स्थित श्रीएसएस जैन सभा के प्रधान महावीर जैन के निवास पर आयोजित धर्म सभा में प्रवचन कर रहे थे। मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में मनुष्य किसी न किसी समय कठिनाइयों का सामना करता है। कभी यह कठिनाई आर्थिक, पारिवारिक, मानसिक या शारीरिक होती है। यह सत्य है कि जब तक किसी ने कठिनाइयों का सामना नहीं किया, तब तक उसे आत्म-विकास की असली प्रक्रिया का अनुभव नहीं होता। धार्मिक बनने के लिए सबसे पहला कदम अपनी सोच को बदलना है। यदि हमारी सोच सकारात्मक व उच्च मानकों पर आधारित होगी तो हमारे कर्म भी अच्छे होंगे। धर्म सभा में पुनीत मुनि महाराज ने भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया।