सोनीपत। श्री दुर्गा मंदिर, मोहल्ला कलां में शनिवार रात श्रीराम परिवार संस्था की ओर से श्री सुंदरकांड पाठ, हरिनाम संकीर्तन एवं श्री रामकथा का आयोजन किया गया। श्री हनुमान प्राकट्य महोत्सव के उपलक्ष्य में जतिन कथूरिया हनुमान का स्वरूप धारण करने के लिए अनुष्ठान पर बैठे हैं।
संस्था प्रमुख ओमप्रकाश अरोड़ा ने कहा कि श्री रामचरितमानस में हनुमान का श्रृंगार वर्णन मुख्य रूप से उनके अतुलनीय बल तेज और श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति का प्रतीक है। सबसे प्रमुख श्रृंगार सिंदूर है जिसे हनुमान जी ने श्रीराम जी की आयु और प्रसन्नता के लिए पूरे पर धारण किया। उनका रूप सुमेरू पर्वत की भांति सुनहरा और दिव्य बताया गया है।
माता सीता को सिंदूर लगाते देख हनुमान ने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया ताकि उनके प्रभु श्रीराम की लंबी आयु हो और प्रसन्न रहें। सुनहला और तेजस्वी शरीर सोने के पर्वत (सुमेरू) के समान कांतियुक्त और तेजस्वी बताया गया है।
सुंदरकांड में हनुमान के रूप सुंदर कहा गया है। वह श्रीराम के दूत के रूप में सीता माता से मिलने जाते हैं और उनका प्रत्येक रूप छोटा या बड़ा राम सेवा के लिए ही है।
इस अवसर पर पवन सहगल, श्याम रहेजा,राकेश बहल, विनोद खुराना, महेश पांडे, दिनेश, सुरेन्द्र, अश्विनी, महेश सपड़ा, ललित बत्रा, मेहरचन्द, रमनकांत, अशोक, बलदेव राज, वेद नासा, धीरज, राजन मनचंदा, मनोज व भूषण मौजूद रहे।