संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए राशन की आपूर्ति में ढिलाई बरतने का मामला सामने आया है। इसके चलते विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए पर्याप्त राशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अगर किसी विद्यालय में राशन का अभाव है तो विद्यालय मुखिया अपने स्तर पर एक सप्ताह का राशन बाजार से खरीद सकते हैं। यह छूट केवल मई के लिए निर्धारित है। निदेशालय ने अप्रैल में डाइट प्लान के तहत 17 व्यंजनों की सूची बनाकर नियमित व्यंजन परोसने के निर्देश दिए थे।
इस बीच हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएआईसीएल) की ओर से मामले में ढिलाई बरती जा रही है। इस पर निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने 6 अगस्त 2025 से 6 अगस्त 2026 तक के लिए एचएआईसीएल के साथ औपचारिक अनुबंध किया हुआ है।
अनुबंध के बावजूद एचएआईसीएल की ओर से राशन आपूर्ति में लापरवाही बरतने का सामने आई है। कई विद्यालयों में कई दिन से राशन आपूर्ति नहीं हो पाई है। इनमें जिले के भी कई विद्यालय शामिल हैं जहां राशन आपूर्ति नहीं हुई है। मिड-डे मील वर्कर्स व शिक्षक सामान की राह देख रहे हैं।
आपूर्ति मिलने पर नहीं करनी होगी राशन की खरीद
मौलिक शिक्षा विभाग निदेशक ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है कि जिन विद्यालयों में राशन आपूर्ति नहीं हो रही है या मिड-डे मील खाद्य सामग्री का अभाव है वहां विद्यालय प्रमुख बाजार से एक सप्ताह का राशन खरीद सकते हैं। राशन खरीदने की जिम्मेदारी खासकर विद्यालय मुखियाओं को सौंपी गई है। हालांकि, निदेशालय ने इन निर्देशों का मई में पालन करने की छूट दी है ताकि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को मिड-डे मील मुहैया करवाया जा सके। हरियाणा एग्रो से खाद्य सामग्री की आपूर्ति मिलने पर विद्यालय मुखियाओं को सामान की खरीद बाजार नहीं करनी होगी।
वर्जन
राजकीय विद्यालयों में मिलने वाले मिड-डे मील को और बेहतर बनाने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने संबंधित निर्देश दिए हैं। कुछ ऐसे विद्यालय हैं जिनमें हरियाणा एग्रो की ओर से राशन नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में यह विद्यालय मुखिया अपने स्तर पर एक सप्ताह का राशन बाजार से खरीदकर मिड-डे मील प्रक्रिया को जारी रखेंगे। -रचना बाना, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।