सोनीपत। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय विद्यालयों में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान की शुरुआत की जाएगी। अवकाश के चलते शिक्षक व विद्यार्थी अपने आसपास खाली पड़ी जगह पर पौधे लगाएंगे। इसके बाद 30 सितंबर तक सभी राजकीय विद्यालयों में खाली जगह पर पौधरोपण करेंगे।
एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान के वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों के प्रत्येक विद्यार्थी व शिक्षक से पौधरोपण करवाने का लक्ष्य रखा गया है। अवकाश से पूर्व विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में शिक्षकाें के साथ बैठक कर उनको निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को भी अभियान संबंधी जानकारी मुहैया करवाई गई है।
अभियान को तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में 5 से 11 जून तक शिक्षक और विद्यार्थी अपने आसपास खाली पड़ी जमीन पर पौधरोपण करेंगे। दूसरे चरण में 30 सितंबर तक विद्यालय के परिसर में पौधरोपण कर धरा को हरा-भरा बनाने का कदम उठाएंगे।
तीसरे चरण में अक्तूबर 2025 से मार्च 2026 तक सभी शिक्षक व विद्यार्थी अपने लगाए गए एक-एक पौधे की देखभाल कर उन्हें पेड़ का रूप देने में सहायक बनेंगे। अवकाश के बाद सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को विश्व पर्यावरण दिवस के प्लास्टिक प्रदूषण का अंत विषय पर जागरूक किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए हर विद्यालय को बजट जारी
राजकीय विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अलग से बजट जारी किया गया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रत्येक विद्यालय में जारी की गई सालाना रखरखाव की कुल 15 हजार रुपये ग्रांट में से 20 फीसदी पर्यावरण संरक्षण के लिए तय की गई है। ऐसे में हर विद्यालय में पौधरोपण व इनकी देखरेख के लिए 3000 रुपये ग्रांट जारी की गई है। इसी राशि के आधार पर शिक्षक व विद्यार्थी पौधरोपण कर विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाएंगे।
वर्जन
विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में 5 जून से एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान की शुरुआत की जाएगी। 30 सितंबर तक खाली जगहों पर पौधरोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मार्च 2025 तक पौधों की देखरेख कर विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए हर विद्यालय में ग्रांट जारी की गई है। -डॉ. अतर सिंह, सहायक परियोजना संयोजक, सोनीपत।