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गन कल्चर के गाने बैन, फिर भी क्यों बढ़ रही आपराधिक वारदातें : मासूम शर्मा

Mon, 04 Aug 2025 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 15: सोनीपत के सेक्टर-27 स्थित शिव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से से बातच
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सोनीपत। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने कहा कि जब गन कल्चर वाले गाने बैन हो चुके हैं, तब तो अपराधों पर लगाम लगनी चाहिए थी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। गानों को बैन कर देने से अपराध नहीं रुकते, असली जरूरत सोच और व्यवस्था में सुधार की है। वह रविवार को सेक्टर-27 स्थित शिव मंदिर में मोनू राठधना की तरफ से आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने गन कल्चर, एफआईआर और बढ़ते अपराधों पर प्रदेश सरकार और तंत्र पर तीखे सवाल खड़े किए। मासूम शर्मा ने कहा कि जो भी व्यक्ति समाज में आगे बढ़ता है, चाहे वह नेता हो, पत्रकार हो या कलाकार, उसे आजकल एफआईआर दहेज में मिलती है। चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को इसी सोच का हिस्सा बताया। गन कल्चर के गानों पर कहा कि अगर गाने अपराध की जड़ होते तो गानों के बंद होते ही अपराध खत्म हो जाते। अब तो गाने बैन हैं, फिर वारदात क्यों बढ़ रही हैं।
गन कल्चर से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कलाकार वही गाते हैं जो समाज और बाजार मांग करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पब्लिक की डिमांड और मार्केट की जरूरत ही तय करती है कि कैसा गाना बनेगा। कलाकार समाज का आईना होता है, ना कि उसका संचालक। राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल पर मासूम शर्मा ने कहा कि आज पूरा देश राजनीति की ओर बढ़ रहा है। यदि समय सही होगा तो वह भी राजनीति में जरूर आएंगे।
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हाल ही में हरियाणवी सिंगरों पर हुई फायरिंग की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि वह उस समय राज्य से बाहर थे, इसलिए उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मासूम शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि अच्छाई और बुराई हर पेशे में होती है, चाहे वह नेता हो, अफसर हो या कलाकार। जरूरी यह है कि अच्छे लोग अपने काम से बुराई का जवाब दें।
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