सोनीपत। जिले में जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने के नाम पर बड़े खेल का खुलासा हुआ है। सात फर्मों के नाम से 123 करोड़ 60 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़प कर सरकार को चूना लगाया गया। बताए गए ठिकानों पर नहीं मिली इन फर्मों की संबंधित पुलिस थानों में शिकायत दी गई है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सात बोगस फर्म बनाकर 117 करोड़ की जीएसटी का घपला किया गया। जिसमें से 6.44 करोड़ रुपये को ब्लॉक कर दिया गया है। सभी बोगस फर्म के खातों को फ्रिज कर दिया गया है।
आबकारी एवं कराधान (सेल) विभाग में एसजीएसटी के तहत सप्लाई पर आउटपुट टैक्स को अदा करने के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेजर का इस्तेमाल किया जाता है। इनपुट टैक्स क्रेडिट लेजर में खरीद की गई इलीजीबिल इनपुट क्लेम की जाती है। यह इनपुट क्लेम करने में ही बड़ा फर्जीवाड़ा सोनीपत में हुआ है। यहां पर अलग-अलग 7 फर्मों के नाम पर 123 करोड़ 60 लाख रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़प लिया गया। इन फर्मों का विभाग के पास जमा करीब 6 करोड़ 24 लाख रुपये को ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे अब 117 करोड़ 36 लाख रुपये बकाया रह गया है। डीईटीसी सुरेंद्र लाठर ने थाना राई में 4, कुंडली थाना में एक, थाना सिविल लाइन में एक व थाना शहर में एक फर्म के खिलाफ शिकायत दी है।
ऐसे हुआ शक
बोगस फर्म बनाकर करोड़ों का कारोबार करने वाली फर्म के खातों में दो-ढाई हजार रुपये देखकर आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी हतप्रभ रह गए। जिले में सात बोगस फर्म पाई गई थीं। इनमें से चार बोगस फर्म जिला व तीन राज्य के स्वामित्व वाली थी। इनकी जांच जिले के अधिकारियों ने शुरू की थी। सात बोगस फर्म के साथ ही इनसे कारोबारी लेनदेन करने वाली कई अन्य फर्म के नाम जांच में सामने आए हैं।
इन फर्मों के नाम पर किया गया फर्जीवाड़ा
-मैसर्स एएस इंटरप्राइजेज, रोहतक रोड, सोनीपत
-मैसर्स तरूण इंटरप्राइजेज, राई, सोनीपत
-मैसर्स बावा इंटरनेशनल, कुंडली, सोनीपत
-जोगिंद्र इंटरनेशनल, राई, सोनीपत
-मैसर्स द बैस्ट ओवरसिज, मॉडल टाउन, सोनीपत
-मैसर्स विमल प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, राई, सोनीपत
-मैसर्स गौतम इंटरप्राइजेज, राई, सोनीपत
वर्जन
सात बोगस फर्मों के नाम पर 123 करोड़ 60 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़पने का खुलासा हुआ है। मामले में सातों फर्मों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। जांच जारी है। फर्मों के जमा टैक्स को ब्लॉक कर दिया गया है। अब 117 करोड़ 24 लाख रुपये बकाया है।
सुरेंद्र लाठर, डीईटीसी, सोनीपत