सोनीपत। आबकारी एवं कराधान (बिक्री कर) विभाग ने जिला के 9246 डिफाल्टर करदाताओं को नोटिस जारी किए है। डिफाल्टर करदाता एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएस) का लाभ उठा सकते हैं। इसमें 10 लाख रुपये तक की बकाया राशि वाले करदाताओं को एक लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए करदाताओं को छह माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
जीएसटी से पहले के सात अधिनियमों के तहत 10 लाख रुपये तक की बकाया देनदारियों वाले करदाताओं को एक लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी। साथ ही शेष मूल कर राशि का 60 फीसदी भी माफ किया जाएगा। इसके अलावा 10 लाख रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक की बकाया देनदारी वाले करदाताओं को भी उनकी कर राशि पर 50 फीसदी की छूट मिलेगी। योजना का लाभ उठाने वाले करदाताओं की ब्याज और जुर्माना राशि पूरी तरह से माफ कर दी जाएगी। 10 लाख रुपये से अधिक की निपटान राशि वाले करदाताओं को अपनी मूल राशि दो किस्तों में चुकाने की अनुमति होगी।
एकमुश्त निपटान योजना का उद्देश्य करदाताओं को बकाया कर चुकाने में राहत प्रदान करना है। यह योजना हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, हरियाणा विलासिता कर अधिनियम, हरियाणा मनोरंजन शुल्क अधिनियम, हरियाणा स्थानीय क्षेत्र विकास कर अधिनियम, हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम और हरियाणा स्थानीय क्षेत्रों में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम पर लागू होती है।
5475 डिफाल्टरों को कोई पैसा जमा नहीं करना होगा
5475 ऐसे डिफाल्टर करदाता हैं जिन पर 0-1 लाख रुपये तक बकाया है। ओटीएस का लाभ उठाने के लिए करदाताओं को विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उसके बाद विभाग की ओर से बकाया कर पूरा माफ कर दिया जाएगा।
इतने करदाताओं पर बकाया कर
बकाया कर डिफाल्टर करदाता
0-1 लाख रुपये तक 5475
1 लाख-10 लाख रुपये तक 2654
10 लाख-10 करोड़ रुपये तक 1083
10 करोड़ रुपये से ज्यादा 34
उन 9246 करदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन्होंने वैट बकाया कर अब तक जमा नहीं कराया है। 10 लाख रुपये तक की बकाया देनदारी वाले करदाताओं को एक लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी। -नीलरत्न, उप आबकारी और कराधान आयुक्त (बिक्री कर)।