सोनीपत। दिवाली के बाद हवा जहरीली होने लगी है। इसमें सुधार के लिए चार दिन से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप-2) लागू है। इसके बाद भी वायु प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। सोनीपत का एक्यूआई 220 दर्ज किया गया। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने कूड़ा जलाने वालों पर शिकंजा कसने का निर्णय लिया है। साथ ही सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव कराया जाएगा।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार की उम्मीद के बीच हालात और बिगड़ गए हैं। शहर के कई इलाकों में खुले में कूड़ा जलाने, सड़क किनारे धूल उड़ने और वाहनों से निकलते धुएं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है।
बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए नगर निगम कार्यालय में शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें मेयर राजीव जैन ने कहा कि सड़क पर प्रदूषण बढ़ाने के लिए कोई भी गतिविधि हो रही हो तो अधिकारी उसे रोकने के लिए कार्रवाई करें। सड़कों पर पड़े मिट्टी व रेत के ढेर को ढका जाए। मुख्य सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए कि कोई भी सफाई कर्मचारी कूड़ा जलाने की कोशिश न करें।
कहीं कूड़े के ढेर में आग लग जाए तो उसे तुरंत बुझाने का काम किया जाए। कूड़े जलाने वालों पर नियमानुसार जुर्माना किया जाए। मेयर राजीव जैन ने रोड स्वीपिंग मशीनों को चलाने, एंटी स्मॉग गन खरीदने पर जोर दिया। निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने कहा कि नागरिक ग्रैप-2 की पाबंदियों का पालन करने में सहयोग करें।
अन्य निगम को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने से रोकना खुद हमारी सेहत के लिए भी जरूरी है इसलिए अपनी ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से करें। बैठक के दौरान सड़कों पर छिड़काव, पेड़ों पर जमी मिट्टी उतारने के लिए पानी की बौछार, निर्माण कार्यों पर निगरानी के लिए कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई।
बैठक में सह आयुक्त अनिल दून, कार्यकारी अभियंता विशाल गर्ग, पद्मभूषण, अजय निराला व मुख्य सफाई निरीक्षक साहब सिंह, सतेंद्र दहिया भी मौजूद रहे।