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Sonipat News: ग्रैप लागू फिर भी बढ़ रहा प्रदूषण, कूड़ा जलाने वाले दो पर जुर्माना

Wed, 11 Oct 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :37: सोनीपत में राई औद्योगिक क्षेत्र के पास जलाया गया कूड़ा। संवाद
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सोनीपत। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद भी औद्योगिक क्षेत्र के पास कूड़ा जलाया जा रहा है। रात ही नहीं दिन में भी कूड़े को आग लगाई जा रही है। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 200 के पार पहुंच रहा है। मंगलवार को भी एक्यूआई 208 दर्ज किया गया। हालांकि जिले में डीजल जनरेटर का इस्तेमाल काफी हद तक बंद हो चुका है। इसके पीछे का कारण बिजली की पर्याप्त उपलब्धता बताया जा रहा है।
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प्रदूषण का स्तर बढ़ते से रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 1 अक्तूबर से ग्रैप लागू कर दिया था। जिसके तहत एक्यूआई के अनुसार कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। इस पाबंदियों में सबसे ज्यादा शर्तें औद्योगिक इकाइयों पर लगाई गई हैं। इनके तहत वेस्ट पदार्थों में आग लगाने पर रोक भी शामिल है। औद्योगिक क्षेत्रों में हालात ऐसे हैं कि आए दिन फैक्टरियों से निकलने वाला प्लास्टिक वेस्ट न केवल खुले में फेंका जा रहा है, बल्कि उसे आग लगाई जा रही है। राई औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार रात व मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र के पास ऐसा ही नजारा दिखाई दिया।



दो के किए गए चालान, जुर्माना लगाया

फैक्टरियों के कूड़े को आग लगाने से लगातार फैल रहे प्रदूषण की शिकायत बढ़ने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने कार्रवाई भी की है। दो मामलों में चालान किए हैं। प्रत्येक पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में स्टाफ कम होने के कारण लगातार गश्त नहीं की जा रही है। जिले में करीब 5 हजार औद्योगिक इकाइयों का जिम्मा केवल दो एसडीओ पर है। कुंडली, राई, नाथूपुर, मुरथल, बड़ी व सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र में लगातार गश्त नहीं की जा पा रही है। टीमों के नाम पर बेहद कम स्टाफ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भी औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
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डीजल जनरेटरों से मिली निजात

औद्योगिक क्षेत्रों में डीजल जनरेटर पर रोक लगाई गई है। यह आदेश ज्यादातर उद्योगपतियों ने मान लिया है। डीजल जनरेटर का कनेक्शन हटा दिया गया है। कुछ उद्योगों में सीएनजी जनरेटर लगाए गए हैं। कई में बिजली से ही काम चलाया जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों के संचालकों का कहना है कि दिन रात चलने वाली यूनिट्स में बिजली कट लगने के तुरंत बाद जेनसेट नहीं चलने पर लाखों का नुकसान हो जाता है। प्रशासन ने उद्योगों में पर्याप्त बिजली का इंतजाम किया था। कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन के पदाधिकारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि सोनीपत जिले में 5 हजार से ज्यादा फैक्टरी हैं। इनमें एक हजार यूनिट्स ऐसी हैं, जहां पर प्रोडक्शन के लिए 24 घंटे बिजली चाहिए। बिजली कटने से फैक्टरी मालिक को लाखों का नुकसान होता है। ऐसे में बिजली आपूर्ति की दिन-रात जरूरत है। यही कारण है कि कुंडली क्षेत्र में दो माह के भीतर दो नए पावर हाउस शुरू किए गए थे। जिससे सुधार हुआ है।

औद्योगिक क्षेत्रों में डीजल जनरेटरों पर रोक है। ज्यादातर उद्योगपतियों ने डीजल जेनरेटर के कनेक्शन हटा दिए हैं। जहां तक कूड़े को आग लगाने की बात है तो इस संबंध में लगातार कार्रवाई की जा रही है। कूड़ा में आग लगाए जाने पर दो चालान किए हैं और जुर्माना लगाया है। इसे किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।

प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

फोटो :37: सोनीपत में राई औद्योगिक क्षेत्र के पास जलाया गया कूड़ा। संवाद

फोटो :37: सोनीपत में राई औद्योगिक क्षेत्र के पास जलाया गया कूड़ा। संवाद

फोटो :37: सोनीपत में राई औद्योगिक क्षेत्र के पास जलाया गया कूड़ा। संवाद

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