शहर में खाना बांटते संयोजक वाईके त्यागी व प्रवीण वर्मा समेत अन्य।
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कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश को लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में उन लोगों के लिए खाने तक की परेशानी खड़ी हो गई है जो दैनिक मजदूर हैं। इसके अलावा सड़क पर रहने वाले लोगों तक को खाना नहीं मिल रहा है। ऐसे ही लोगों के लिए शहर में गोविंद रसोई सबसे बड़ी मददगार बनी है, जो हर रोज 1500 से ज्यादा लोगों का पेट भर रही है। इस रसोई को कई तीन सामाजिक संगठन मिलकर चला रहे हैं, जो पहले अस्पताल में चल रही थी। अब ज्यादा खाना बनवाने के लिए उसे शिफ्ट भी करना पड़ा, जिससे हर किसी तक खाना पहुंचाया जा सके और कोई भूखा नहीं रह सके।
भाविप गोविंद शाखा, सेफ इंडिया फाउंडेशन व रोटरी क्लब ऑफ सोनीपत एक्सिलेंस के पदाधिकारियों वाईके त्यागी, संजय सिंगला, शालू त्यागी, प्रवीण वर्मा ने मिलकर जुलाई 2017 में गोविंद रसोई को शुरू किया था। उस समय यह रसोई नागरिक अस्पताल में शुरू की गई थी, जिससे वहां भर्ती होने वाले मरीजों को दिनभर फ्री में खाना खिलाया जा सके। इन सामाजिक संगठनों के सदस्यों की मदद से इस रसोई का चलाया जाता है, जिससे किसी से खाने के बदले कोई पैसा नहीं लिया जा सके। इस रसोई से अभी तक केवल अस्पताल में मरीजों को खाना खिलाया जा रहा था। लेकिन लॉकडाउन में वाईके त्यागी, संजय सिंगला, शालू त्यागी, प्रवीण वर्मा, रामकुमार बब्लू, दिनेश कुच्छल ने फैसला लिया कि गोविंद रसोई से ऐसे लोगों को खाना खिलाया जाए, जिनको लॉकडाउन में खाना नहीं मिल रहा है। इन सभी ने ऐसे लोगों को खाना बांटना शुरू किया तो रसोई में जहां पहले 250 लोगों का खाना बनता था, वह 1000 तक पहुंच गया। वहीं पिछले दो दिन से 1500 लोगों का खाना बनवाया जा रहा है और किसी का फोन आने पर उस जगह पर तुरंत खाना पहुंचाया जाता है। खाना ज्यादा बनवाने के लिए बड़ी जगह की जरूरत हुई तो अब रसोई को अग्रसेन भवन में शिफ्ट कर दिया गया। गोविंद रसोई से खाना मंगवाने के लिए मोबाइल नंबर 9812043375, 9416010090, 9215228581 सार्वजनिक कर दिए गए हैं, जिससे सोनीपत शहर में कोई भूखा न रहे। सकेफ इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन वाईके त्यागी ने बताया कि शहर में किसी को भूख नहीं रहने दिया जाएगा। जिसके लिए संगठन के लोग पूरे दिन के साथ ही देर शाम तक खाना पहुंचाने में लगे रहते है।