जीटी रोड स्थित ओमेक्स सिटी में एक सरकारी अधिकारी के निर्माणाधीन मकान के बराबर में खाली पड़े प्लॉट से भारी मात्रा में सरकारी सीमेंट बरामद कर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है।
विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के बाद दो के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी वकील अनूप दहिया और जेएस दहिया हैं। यह दोनों भाई हैं।
पुलिस ने सीमेंट के कट्टे बरामद कर लिए हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर थे।
सोनीपत के विजिलेंस इंस्पेक्टर राजीव ने बताया कि उन्हें बुधवार को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना देने वाले ने बताया था कि जीटी रोड पर मुरथल के पास ओमेक्स सिटी में प्लॉट नंबर 654 बी पर मकान का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें सरकारी सीमेंट का इस्तेमाल हो रहा है। सूचना पर राजीव कुमार के नेतृत्व में टीम ने उक्त प्लॉट पर छापा मारा। छापे के दौरान टीम को कुल 479 सीमेंट के कट्टे मिले।
इनमें से 242 कट्टे खाली थे, जो कि निर्माणाधीन कोठी से मिले। वहीं 237 कट्टे सीमेंट से भरे थे, जो कि बराबर वाले खाली प्लॉट में बनी कोठरी से बरामद किए गए।
सभी कट्टों पर नॉट फॉर री-सेल/रिटेल और एमआरपी नॉट एप्लीकेबल लिखा था। इस पर टीम ने 237 कट्टों को कब्जे में लेकर जीटी रोड स्थित गौरक्षा दल के थाने में रखवा दिया।
राजीव कुमार के बयानों पर थाना मुरथल में वकील अनूप दहिया एवं जेएस दहिया के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अनेक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। उपरोक्त दोनों के खिलाफ धारा 406, 420, 409, 120बी और 13 (1) डीपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है।
नायब तहसीलदार थे ड्यूटी मजिस्ट्रेट
विजिलेंस इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने गुप्त सूचना मिलने के बाद सबसे पहले डीसी राजीव रतन के पास एक दरखास्त लगाई। दरखास्त के आधार पर डीसी ने नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए डीएफएससी को निरीक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। डीएफएससी ने निरीक्षक नरेंद्र कुमार को टीम में नियुक्त किया। इसके बाद नायब तहसीलदार की अगुवाई में विजिलेंस इंस्पेक्टर राजीव कुमार, एसआई रामेहर, सिपाही अंजीत, सतीश और हेड कांस्टेबल अनिल की टीम ने मौके पर छापा मारा।
खाली कट्टे कोठी से मिले, उनको किया खुर्द-बुर्द
विजिलेंस इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि 242 खाली कट्टे निर्माणाधीन कोठी से बरामद किए गए थे। कोठी के बराबर में खाली प्लॉट में बनी कोठरी से 237 कट्टे भरे हुए बरामद किए गए थे। राजीव कुमार ने आरोप लगाया था कि मौके पर पहुंचे अनूप दहिया और उसके 2-3 साथियों ने खाली कट्टों को खुर्द-बुर्द कर दिया।
पीडब्ल्यूडी में एसई हैं जेएस दहिया
बताया जा रहा है कि वकील अनूप दहिया का भाई जेएस दहिया पीडब्ल्यूडी में एसई के पद पर कार्यरत है। जेएस दहिया दो सालों से भिवानी में कार्यरत हैं। इससे पहले वह चंडीगढ़ में एसई के पद पर भी कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि जल्द ही उनका रिटायरमेंट है।
क्या कहते हैं वकील अनूप दहिया
सवाल : जिस जगह से कट्टे बरामद किए गए हैं, वो कोठी आपकी है या आपके भाई जेएस दहिया की?
जवाब : वो कोठी न मेरी है, न भाई साहब की। कट्टे तो बराबर वाले खाली प्लॉट से बरामद किए गए हैं।
सवाल : आप पर आरोप है कि आपने 242 खाली कट्टे खुर्द-बुर्द कर दिए हैं?
जवाब : मौके पर नायब तहसीलदार, विजिलेंस की टीम, थाना मुरथल की पुलिस टीम समेत कुल 50 लोग थे। इन सबके सामने मैं 242 कट्टे खुर्द-बुर्द कैसे कर सकता हूं।
सवाल : आप यह ही कहना चाहते हैं कि ये मामला गलत है?
जवाब : हां, बिल्कुल ये झूठा मामला है। भाई साहब का रिटायरमेंट होने वाला है। उनकी पेंशन और अन्य फायदों में रुकावट आ जाए, इसलिए किसी ने शिकायत की होगी। यह सब रंजिशन किया गया है। वैसे भी हमने तो कोठी के निर्माण का ठेका दे रखा था। ठेकेदार ही अपने हिसाब से सब कुछ इस्तेमाल कर रहा था। हमें निर्माणाधीन कोठी में इस्तेमाल हो रहे सामान की कोई जानकारी भी नहीं थी।