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आज की शिक्षा में अक्षरज्ञान , संस्कार नहीं

Mon, 09 Nov 2015 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
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देवभूमि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का कहना है कि आज की शिक्षा युवाओं को अक्षरज्ञान तो दे रही है, लेकिन संस्कार नहीं है। अभिभावक सोचे, आपके बच्चे के नंबर तो ज्यादा आए, लेकिन पड़ोसी, राष्ट्र व समाज के लिए संवेदनाएं तो नहीं हैं। संस्कार पैदा करके ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
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तभी स्वामी दयानंद की पंक्ति जहां नारी की पूजा होती है, वहीं देवता निवास करते हैं, साकार किया जा सकता है। वे रविवार को अपनी ससुराल नाहरी गांव में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।

आचार्य ने कहा कि आज घर तो पक्के होते जा रहे हैं, लेकिन रिश्ते कच्चे होते जा रहे हैं। हम गांव के लोग हैं और यहां युवा पीढ़ी संस्कारहीन होती जा रही है। गांव व शहरों में वृद्धाश्रम बनाए जा रहे हैं और जिन बुजुर्गों ने बचपन में उंगली पकड़कर चलना सिखाया उन्हें हम सफल होने के बाद वृद्धाश्रम में छोड़ रहे हैं।
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बेटी वाले को बड़ा मानने की सोच करें विकसित
राज्यपाल ने कहा कि एक आदमी बेटी को पैदा करता है, पढ़ाता है और जवान होने पर उसकी सुरक्षा करता है। इसके बाद जब शादी करता है तो उसे उपहार देता है। इसके बावजूद भी उसे बेेटे वाले के सामने झुकना पड़ता है। बस इसी सोच को बदलना होगा।

बेटा वाला नहीं, बेटी वाले को जब बड़ा मानने लग जाएंगे, तब कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई अपने आप ही खत्म हो जाएगी। बस इसी चिंतन व विचारधारा से समाज को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां जज, इंजीनियर, डाक्टर सब कुछ है और किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है।

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले उन्होंने चार कार्य किए। इनमें पहला कार्य पूरे हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण स्वच्छता का संदेश, प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा, गोपालन और युवाओं को नशे की लत से दूर करने का कार्य है। उन्होंने बताया कि करनाल के नीलोखेड़ी में कुरुक्षेत्र की तर्ज पर गुरुकुल खोला जाएगा।

मेरी कामयाबी में पत्नी की अहम भूमिका
ससुराल पहुंचे राज्यपाल पत्नी दर्शना को लेकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसमें दर्शना देवी की अहम भूमिका है। आज भी उन्हें याद है, राज्यपाल बनने से पहले घर पर हर रोज 20 से 25 लोग घर आते-जाते रहते थे। दर्शना ने कभी घर का चूल्हा ठंडा नहीं होने दिया। इसके लिए वे नाहरी गांव व उनके माता-पिता के आभारी हैं, जो दर्शना देवी जैसी महिला को जन्म दिया।

इस अवसर पर उनकी पत्नी दर्शना देवी ने स्कूल के प्रांगण में पौधारोपण भी किया। इस मौके पर गांव नाहरी व दहिया खाप की तरफ से उन्हें सम्मान की पगड़ी भी बांधी गई। उसके बाद आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के महामंत्री मास्टर रामपाल, सर्वमित्र आर्य, कपिल देव दहिया, जयसिंह, बलबीर हलालपुर, इंद्रजीत दहिया, सरदार सिंह, एडवोकेट महेंद्र दहिया, स्कूल की प्राचार्या संतोष मिगलानी, रोशनी देवी, प्रेम सिंह पावटी, स्कूल स्टाफ व छात्राएं मौजूद रही।
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