बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए शारीरिक, बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास की जरूरत होती है। महर्षि अरविंद ने इन चार गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति को महामानव की संज्ञा दी थी।
मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल में शनिवार को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने यह बात कही। इस मौके पर स्कूल के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया।
प्रो. सोलंकी ने कहा कि उसी देश को महान माना जाता है जो अपने राष्ट्र के बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर व्यवस्था करते हैं। जन्म लेने, रोटी खाने व बड़े होने को ही अपनी शान समझ लेना उचित नहीं है, बल्कि इसके लिए बच्चे को योग्यता में ढालना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की शान होते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह विद्यालय काम कर रहा है अगर इसे खेल विश्वविद्यालय के तौर पर विकसित किया जाए तो और भी बेहतर होगा।
इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्या एवं निदेशक राजीव रतन ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग के साथ ही राई खेलकूद स्कूल आज विकास की तरफ अग्रसर है। उन्होंने स्कूल का रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया और सत्र 2015-16 के दौरान शैक्षणिक व खेल गतिविधियों की उपलब्धियों के विषय में अवगत करवाया।
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने इस अवसर पर खेलों, शैक्षणिक गतिविधियों व विभिन्न प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। स्कूल की उपप्रधानाचार्य निर्मल देवी चौधरी ने धन्यवाद किया।
इस अवसर पर सांसद रमेश कौशिक, पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, एसडीएम डॉ. शालीन कुमार रोहिल्ला, राई खेलकूद स्कूल के खेल, प्रशासकीय अधिकारी एचएस अंटाल, कमला नेहरू स्कूल की प्रधानाचार्या सरिता चाहर, पीके धीमन आदि उपस्थित रहे।
स्कूल की जमकर की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने खेलकूद स्कूल की जमकर तारीफ की। राज्यपाल ने कहा कि राई स्कूल से पढ़े हुए बच्चे न केवल देश की सीमा की सुरक्षा के लिए सेना में चयनित हो रहे हैं, बल्कि पुलिस व प्रशासनिक सेवाओं में भी अपनी अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। इसके अलावा इस स्कूल के बच्चों ने खेल के क्षेत्र में भी अपना विशेष स्थान बनाया है।