राई। पूर्व विधायक व कांग्रेस के रोहतक प्रभारी जयतीर्थ दहिया ने प्रदेश सरकार की ओर से राजस्थान को पानी देने का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ हरियाणा पानी के लिए तरस रहा है और पंजाब से एसवाईएल में अपना हक लेने के लिए संघर्ष कर रहा है। दूसरी तरफ सरकार हरियाणा के लोगों के हितों को हाशिये पर रखते हुए हमारा हक राजस्थान को देने पर तुली है। केंद्र सरकार के दबाव में मुख्यमंत्री ने घुटने टेक दिए और हरियाणा का पानी राजस्थान को देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके लिए प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री व भाजपा सरकार को माफ नहीं करेगी और आने वाले चुनाव में सबक सिखाएगी।
पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया कहा कि हरियाणा के दक्षिणी हिस्से में शुरू से ही पानी की कमी रही है। सिंचाई को लेकर यहां के किसानों को हमेशा परेशानी होती है। दक्षिणी हरियाणा के जिले भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, हिसार आदि जिलों में सिंचाई के पानी की किल्लत रही है। यही कारण है कि हरियाणा लगातार पंजाब से एसवाईएल का अपने हिस्से का पानी मांगता रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी प्रदेश की मांग को जायज ठहराते हुए पंजाब सरकार को उनके हिस्से का पानी देने का आदेश दे चुका है, लेकिन हरियाणा पंजाब से अपने हिस्से का पानी लेने में नाकाम रही है।