खरखौदा। हरियाणा रोडवेज के बेड़े में बसों की कमी से बेटियों को परेशानी हो रही है। मजबूरी में निजी बसों में सफर करने के दौरान न केवल उनके साथ बदसलूकी हो रही है बल्कि उन्हें टिकट न लेने पर कहीं पर भी उतार दिया जाता है।
सोनीपत-रोहतक रोड पर निजी बस संचालकों की ओर से पासधारक छात्राओं से टिकट लेने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर उनसे बदसलूकी की जाती है। जिले से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक पढ़ने जाने वाली छात्राएं रोजाना इस परेशानी का सामना करती हैं।
सोनीपत से वाया खरखौदा होते हुए रोहतक जाने वाले रूट पर काफी संख्या में सहकारी परिवहन समिति की बसें चलती हैं। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि टिकट न लेने पर निजी बस में उन्हें के लाग री है तू, ठिठेरी, तेरी समझ में नहीं आती जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। एक अन्य मामले में खरखौदा से बैठी छात्रा को टिकट न लेने पर सिसाना गांव के अड्डे पर उतार दिया गया।
शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही
एक छात्रा के पिता विरेंद्र ने कहा कि निजी बस चालक पास मान्य नहीं करते। छात्राओं से अभद्र व्यवहार करते हैं। मामले में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए), रोहतक के सचिव एवं जिला परिवहन अधिकारी और खरखौदा में लगे समाधान शिविर में शिकायत दी तो उन्होंने कार्रवाई के लिए आरटीए सोनीपत के पास शिकायत भेजी लेकिन हल नहीं निकला। उनकी शिकायत पर कार्रवाई न होने पर अब निजी बसों में छात्राओं को और परेशान किया जाने लगा है। मामले में एक छात्रा ने निजी बस परिचालकों के दुर्व्यवहार का वीडियो भी प्रसारित किया है जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गौतम ने भी निजी बस चालकों व परिचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अभिभावक बसों की कमी को लेकर मिले थे जिस पर आरटीए को एक स्पेशल बस चलाने के लिए कहा गया था। बस पास के निजी बसों में चलने को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि वह छात्राओं से दुर्व्यवहार करें। अगर ऐसा हुआ है तो परिजन सोमवार को उन्हें शिकायत दें। तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. निर्मल नागर, एसडीएम, खरखौदा।