सोनीपत। गांव के लोगों को शहर जैसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का डेढ़ साल बाद भी मैपिंग (मान चित्रण) कार्य 73.81 फीसदी पर अटका है। इस योजना के तहत गांव के लाल डोरा में रहने वाले उन लोगों को अपने घर की जमीन का मालिकाना हक दिया जाता है, जो किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं हैं। पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिलने में देरी हो रही है।
केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना अप्रैल 2021 में शुरू की थी। इस योजना के तहत गांवों में लाल डोरे में जायदाद की मैपिंग करवाई जानी है। मैपिंग के बाद मालिक को प्रॉपर्टी आईडी दी जाएगी। इसके अलावा उस जायदाद की रजिस्ट्री भी करवाई जाएगी। योजना का मुख्य मकसद लाल डोरा में आने वाली जमीन-जायदाद का आर्थिक दृष्टि से इस्तेमाल करने की आजादी देना है। लाल डोरा में आने वाली जायदाद पर बैंक लोन लेने में समस्या आती है। जायदाद के कागजात पूरे नहीं होते हैं। ऐसे में योजना के तहत ऐसी जायदाद को मालिकों के नाम रजिस्ट्री करवाई जा रही है, ताकि यह मालिक अपनी जायदाद पर लोन ले सकें। काम में देरी से 66,156 ग्रामीण अभी भी अपनी जायदाद के कानूनी तौर पर मालिक नहीं बन पाए हैं। सबसे पीछे गन्नौर, मुंडलाना और कथूरा ब्लॉक हैं। इन तीनों ब्लॉक में मैपिंग का का काम 66 से 67 फीसदी हो पाया है। चेतावनी के बावजूद ब्लॉक स्तर पर काम की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है। इसे लेकर बैठक कर ग्राम सचिवों और बीडीपीओ को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें लाल डोरा में चूना लगाकर मार्किंग की जाती है। इसके बाद ड्रोन उड़ाकर मैपिंग की जाती है। इस मैप को फिर सर्वे ऑफ इंडिया के पास भेजा जाता है। सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से संबंधित विभाग को भेजा जाता है। इस तरह से 3 बार मैपिंग की जांच-पड़ताल की जाती है। पंचायत की तरफ से प्रॉपर्टी कार्ड बनाया जाता है। जिले में मैपिंग का कार्य ही 74 प्रतिशत संपन्न हो पाया है।
यह है स्थिति
गन्नौर ब्लॉक में 66.77, गोहाना में 85.41, कथूरा में 67.73, खरखौदा में 70.73, मुंडलाना में 66.90, मुरथल में 86.72, राई में 68.74, सोनीपत में 84.91 फीसदी काम पूरा हुआ है।
पीएम स्वामित्व योजना के तहत मैपिंग का काम किया जा रहा है। इस काम में कई ब्लॉक में गति अभी धीमी है। ऐसे ब्लॉकों के अधिकारियों को आगाह किया गया है और शीघ्र काम पूरा करने को कहा गया है। -राजपाल चहल, डीडीपीओ, सोनीपत।