कुख्यात राजू बसौदी की गिरफ्तारी के बाद से एसटीएफ के साथ ही अन्य प्रदेशों व जिलों की टीम भी पूछताछ कर रही है, जिसके बाद राजू बसौदी ने अपने गुर्गों के बारे में राज उगलने शुरू कर दिए हैं। जिस पर पुलिस की टीमों ने उनके ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि गुर्गे इससे पहले ही वहां से निकल गए। एसटीएफ को उसके गुर्गों के जगह बदलने के बारे में सुराग मिल रहे हैं। इतना ही नहीं गैंग के सदस्य मोबाइल का प्रयोग भी नहीं कर रहे। जिस पर पुलिस ने हरियाणा के साथ ही यूपी, एमपी व हिमाचल प्रदेश में भी विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है।
बता दें कि एसटीएफ ने कुख्यात राजू बसौदी को थाईलैंड से आते ही दिल्ली एयरपोर्ट से काबू कर लिया था। राजू पर हत्या, हत्या के प्रयास व लूट समेत 30 केस दर्ज हैं। राजू बसौदी की गिरफ्तारी के बाद विभिन्न प्रदेशों व जिलों की टीम राजू से पूछताछ में जुटी है। बसौदी ने भी अपने गुर्गों के राज उगलने शुरू कर दिए हैं। जिसके बाद टीमों ने उनके ठिकानों पर दबिश दी है, लेकिन उसके गुर्गे वहां नहीं मिले हैं। पता चला कि राजू के पकड़े जाने का पता लगते ही उसके गुर्गे भी ठिकाने बदलकर भूमिगत हो गए हैं। एसटीएफ ने अब उनके गुर्गों के बारे में सुराग जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए आसपास के प्रदेशों में विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बताया जा रहा है कि राजू बसौदी के गुर्गे फिलहाल आपस में बातचीत तक करने से परहेज कर रहे हैं। विशेष रूप से हरियाणा व दिल्ली में गुर्गों के जिन ठिकानों का पता लगा था वह वहां से निकल चुके हैं। उनके उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश में जाकर ठिकाना तलाशने के बारे में सुराग मिल रहे हैं। जिससे एसटीएफ ने वहां के राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया है। वहां की टीम भी अलर्ट हो गई है। पुलिस ने अपने गुप्तचरों को सतर्क कर दिया है। जिससे बाहर से वहां पहुंचने वालों पर विशेष नजर रखे जा सके।
राजू बसौदी से पूछताछ के साथ ही उसके गुर्गों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अन्य जिलों व प्रदेशों की पुलिस की मदद से भी उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य प्रदेशों व जिलों की पुलिस टीम का सहयोग लेकर सभी आरोपियों का पता लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
- सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ सोनीपत।