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Sonipat News: ठगों ने शेयर ट्रेडिंग, रिश्तेदार बनकर और एप के नाम पर लाखों रुपये हड़पे

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सोनीपत। साइबर ठगों का मायाजाल लगातार लोगों के खातों को खाली कर रहा है। ठग अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कहीं ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर मुनाफे का लालच दिया जा रहा है तो कहीं रिश्तेदार बनकर या मोबाइल एप कर्मचारी बनकर लोगों से ठगी की जा रही है। साइबर थाना में छह लोगों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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सरकारी कर्मचारी से 25.59 लाख की ठगी : प्रगति नगर निवासी सरकारी कर्मचारी सुनील ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीम के नाम पर उनसे साइबर ठगों ने 25.59 लाख रुपये की ठगी कर ली।
ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर और फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि उनके पास एक युवती ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को सीआईबी (एलयूएक्स) नामक कंपनी से जुड़ा बताया और वेल्थ ग्रोथ एक्सीलेरेशन प्लान 500 फीसदी स्कीम में निवेश का ऑफर दिया।
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उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां प्रोफेसर आदित्य नाम का व्यक्ति रोजाना ट्रेडिंग और शेयर बाजार की जानकारी देता था। ठगों ने शुरुआत में मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। इसके बाद बार-बार निवेश बढ़ाने के लिए दबाव बनायाा।
झांसे में आकर पीडि़त ने 15 जनवरी से 27 फरवरी के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 25.59 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में अकाउंट में घाटा दिखाकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। पांच हजार रुपये की निकासी भी कराई। उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो प्राथमिकी दर्ज कराई। पेटीएम कर्मचारी बनकर सब्जी विक्रेता से 1 लाख ठगे : मूलरूप से बिहार के खगडिय़ा हाल बहालगढ़ निवासी दिलखुश ने बताया कि वह सब्जी विक्रेता हैं। उनके पास पेटीएम कर्मचारी बनकर एक लाख रुपये की ठगी कर दी गई।
ठगों ने बफर अपडेट का झांसा देकर पीडि़त का मोबाइल अपने कब्जे में लिया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। उनके साथ 16 जनवरी को ठगी की गई।
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