मुरथल। मुरथल ब्लाक में ग्राम प्रधानों व सचिव ने निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाली कंपनियों और बैंक स्टाफ से मिलकर करोड़ों का घालमेल करने के मामले में जांच तेज हो गई है। करीब पांच करोड़ का गड़बड़झाला तब हुआ था, जब मामले में आरोपी ग्राम सचिव ने आत्महत्या करने के बाद सुसाइड नोट छोड़ा था।
मामले के तूल पकड़ने पर अब इस मामले में सरकार की तरफ से निदेशालय की विजिलेंस टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। जिला स्तरीय एसआईटी का गठन पहले ही किया जा चुका है। चंडीगढ़ से पहुंची टीम के सदस्य ने मुरथल बीडीपीओ कार्यालय में जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कई अन्य की संलिप्तता भी उजागर हो सकती है।
मुरथल ब्लाक के गई गांवों में विकास के लिए निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाली कंपनियों के नाम से मोटी धनराशि के चेक काटे गए। इन चेक को बैंकों से कैश कराकर आपस में बांट लिया गया। बिना निर्माण हुए ही राशि बांट दी गई। मामले की शुरुआती जांच में सात ग्राम पंचायतों में इस तरह से घपला किया गया। इसमें पांच करोड़ से ज्यादा की धनराशि का गड़बड़झाला हुआ। जिसके बाद से सात ग्राम पंचायतों धतूरी, सनपेड़ा, हसनपुर, कामी, पीपलीखेड़ा, टिकौला और मलिकपुर ग्राम पंचायतों में जांच शुरू कर दी गई है। इनमें कई ग्राम प्रधानों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से कुछ ग्राम प्रधानों ने करीब दो करोड़ रुपया जमा करा दिया है। कई ग्राम प्रधानों के खिलाफ संबंधित थानों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। पुलिस की एसआईटी मामलों की जांच कर रही है।
ग्राम सचिव कर चुका है आत्महत्या
करोड़ों के इस घपले में शामिल एक ग्राम सचिव सुरजीत आत्महत्या कर चुका है। उसकी जेब से एक पत्र मिला था। उसमें मुरथल ब्लाक के बीडीपीओ मनीष मलिक पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। सुरजीत की मौत के बाद ही इसका खुलासा हुआ था। जिसके बाद ही इसकी जांच शुरू हो सकी थी।
विजिलेंस टीम पहुंची मुरथल ब्लाक
इस मामले की जांच के लिए सरकार व चंडीगढ़ निदेशालय की तरफ से विजिलेंस टीम मुरथल बीडीपीओ कार्यालय पहुंची और जरूरी कागजात कब्जे में लिए। टीम विभिन्न ग्राम पंचायतों के खातों से निकाली गई धनराशि की अलग-अलग जांच कर रही है। इसके बाद इनकी जांच संबंधित गांवों में भी जा सकती है। टीम इन मामलों में विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। वहीं मामले को लेकर डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक ने बताया कि निदेशालय की टीम ब्लाक कार्यालय में जांच कर रही है। टीम द्वारा मांगे गए कागजात उपलब्ध करा दिए गए हैं। टीम मौके पर जाना चाहेगी तो भेज दिया जाएगा।
पांच अन्य मामलों की जांच संबंधित एसडीएम को सौंपी
डीसी ने पांच अन्य मामलों की जांच डीडीपीओ से लेकर संबंधित एसडीएम को सौंपी है। गोहाना के दो, गन्नौर के दो व सोनीपत के एक गांव में पंचायत फंडों में किए गए घपले के मामले की जांच अब डीडीपीओ नहीं करेंगे। डीसी ने जांच प्रभावित होने का अंदेशा होने के चलते यह जांच अब संबंधित एसडीएम को सौंप दी है। इन गांवों में पंचायती रिकार्ड की गड़बड़ी व गबन की जांच अब सोनीपत, गन्नौर व गोहाना के एसडीएम करेंगे।
कई गांवों की पंचायतों के फंड में घपले के आरोप लगे थे, जिसके बाद जांच डीडीपीओ को सौंपी गई थी। अब इस मामले की जांच संबंधित एसडीएम करेंगे। सभी एसडीएम को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
-एसएल पूनिया, डीसी, सोनीपत।