सोनीपत। गांव उल्देपुर की पूर्व सरपंच पर पंचायत फंड में 346848 रुपये के गबन का आरोप लगा है। बीडीपीओ की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि विकार्य कार्यों के लिए आई ग्रांट का प्रयोग नहीं किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीडीपीओ मनीष मलिक ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव उल्देपुर की पूर्व सरपंच संतरा देवी ने पंचायत फंड को 346848 रुपये का नुकसान पहुंचाया था। पूर्व सरपंच के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत मिली थी। जिसकी जांच पंचायती राज के एसडीओ ने की थी। उनकी जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच ने पंचायत फंड को हानि पहुंचाई है। विकास के लिए आई ग्रांट का प्रयोग नहीं किया गया। जिस पर 1 जनवरी व 7 जनवरी को पूर्व सरपंच को पंचायती राज एक्ट के तहत नोटिस देकर राशि पंचायत खाते में जमा कराने का निर्देश दिया गया था। उसके बावजूद राशि जमा नहीं कराई गई। बाद में 14 फरवरी को भू-राजस्व घोषित कराकर रिकवरी को लिखा गया। इसे लेकर 10 सितंबर को तहसीलदार ने सीएम विंडो पर लिखी एटीआर में बताया कि रिकवरी के लिए पटवारी से रिकार्ड लिया गया तो पता लगा कि संतरा के नाम कोई जमीन नहीं हैं। जिससे भू-राजस्व से रिकवरी नहीं हो सकती। उसके खातों के बारे में जानकारी कार्यालय में नहीं है। जिस पर संतरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया। पुलिस ने बीडीपीओ के पत्र पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वर्जन
पूर्व सरपंच पर उनके कार्यकाल के दौरान आई ग्रांट को विकास कार्यों में नहीं लगाने का आरोप है। उन पर पंचायत फंड में नुकसान पहुंचाने के आरोप की शिकायत मिली थी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
देवेंद्र सिंह, जांच अधिकारी, थाना सदर सोनीपत।