रोहतक। किलोई खास गांव में वर्ष 2022 के मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में सभी आरोपी बरी हो गए हैं। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी हीना सहरावत की अदालत ने 10 अगस्त को फैसला सुनाया। गवाहों और शिकायतकर्ता के अपने बयानों से मुकर जाने के कारण चारो आरोपियों को संदेह का लाभ मिला। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी जिससे उसके खिलाफ पहले ही कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
शिकायतकर्ता संजय ने 23 अगस्त 2022 को थाना सदर में दर्ज एफआईआर में बताया है कि 22 अगस्त 2022 की रात गांव के स्कूल चौक के पास विवाद हुआ। आरोप था कि अरविंद, परवीन, परवेश, मुकेश और नितिन ने हमला किया। आरोपियों पर ईंट-पत्थर फेंकने और तेजधार हथियार से हमला कर चोटें पहुंचाने का आरोप था। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता संजय और घायल राजपाल अदालत में अपने बयानों से पलट गए। उन्होंने कहा कि उन्हें गली में झगड़ा सुलझाते समय चोटें आई थीं और वे आरोपियों को नहीं पहचानते हैं।
अदालत ने कहा कि आपराधिक मामलों में जुर्म को संदेह से परे साबित करना अनिवार्य होता है। जब मुख्य गवाह और पीड़ित ही आरोपियों की पहचान करने से मुकर गए तो मामला कमजोर हो गया। अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी अरविंद, परवीन, परवेश और मुकेश को सभी आरोपों से बरी कर दिया। मामले के एक अन्य आरोपी नितिन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी जिसके कारण उसके खिलाफ कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी।