सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक मान ने रिश्वत लेने पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक को चार साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गोहाना के वार्ड-5 में स्थित राशन डिपो के संचालक अंकित कुमार के पास नवंबर में 32.63 व दिसंबर 2022 में 32.63 क्विंटल बाजरा पहुंचा था। आरोप था कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोहाना कार्यालय में कार्यरत निरीक्षक कम प्रमुख विश्लेषक (एचए) भूपेंद्र मलिक ने डिपोधारक से बाजरा के स्टॉक की जांच के लिए प्रति किलो एक रुपये का कमीशन मांगा था।
बाद में दोनों के बीच छह हजार रुपये देने पर सहमति बन गई थी। डिपोधारक ने इसकी शिकायत रोहतक विजिलेंस टीम से कर दी। इस पर 11 जनवरी, 2023 को रोहतक विजिलेंस टीम ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
ड्यूटी के बाद भूपेंद्र डिपोधारक से उसके डिपो पर ही रुपये लेने के लिए पहुंच गया। निरीक्षक सुरेश हुड्डा पर आधारित विजिलेंस टीम वहां पर पहले से ही मौजूद थी। डिपोधारक ने जब भूपेंद्र को छह हजार रुपये दिए तो विजिलेंस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे अशोक मान ने भूपेंद्र को दोषी करार देते हुए चार साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।