जिलेभर में शनिवार को सीजन की पहली धुंध का आगमन हुआ। इस कारण शनिवार सुबह ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी रही। एक स्थान से अपने गन्तव्य तक जाने के लिए धुंध में लोगों को काफी मुश्किलें हुईं।
ग्रामीण इलाकों में धुंध की शुरू होते ही लोग अलाव सेंकने शुरू हो गए। बच्चों को स्कूल जाने व आम लोगों को काम पर जाने में दिक्कतें हुईं। वाहनों की रफ्तार तक धीमी पड़ गई।
एक घंटा देरी से पहुंची ट्रेनें
सोनीपत रेलवे स्टेशन पर आने वाले पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा देरी से पहुंची। इससे, रेलयात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई रेलयात्रियों ने निजी वाहनों का सहारा लिया।
गोहाना आने वाली ट्रेनें देरी से पहुंची
सर्दी की आहट के साथ ही गोहाना में शनिवार सुबह धुंध का असर भी शुरू हो गया है। वाहन चालकों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई। वहीं, गोहाना आने वाली ट्रेनें देरी से पहुंची। लोगों को सूरज देवता के दर्शन देर तक नहीं हुए। मजबूर सर्दी से बचने के लिए उन्हें गर्म कपड़े पहनने पड़े। स्कूल व कॉलेज जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी हुई।
बाइक चालक सुमित ने बताया कि घने कोहरे के कारण मात्र तीस किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से बाइक चलानी पड़ रही है। सोनीपत, रोहतक व पानीपत जाने वाले मार्गों पर वाहन चालकों को दिन में लाइटें जगाकर गाड़ियां चलानी पड़ी। वहीं, बाजार में भी लोग गर्म कपड़े खरीदते नजर आए।
रोडवेज बस के चालक ने बताया कि धुंध में हादसे की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बसों की रफ्तार कम रखनी पड़ती है। सुबह की धुंध में कुछ नहीं दिखाई दे रहा था।