सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए ने ट्रेन में सफर कर रहे यात्री का मोबाइल फोन छीनने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के गोकलपुर स्थित कबीर नगर निवासी साबुदीन ने 23 नवंबर 2019 को राजकीय रेलवे थाना पुलिस सोनीपत को बताया था कि वह पंजाब के नाभा से दिल्ली के लिए दादर एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन सोनीपत के राठधना स्टेशन पर आकर रुक गई। खिड़की के पास दो युवक खड़े थे। जब ट्रेन चलने लगी तो अचानक एक युवक ने खिड़की से झपटा मारकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने एक युवक की पहचान गांव बारोटा निवासी आशीष उर्फ आशू के रूप में दी थी। साबुदीन ने उसके खिलाफ राजकीय रेलवे पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी आशीष ने बताया था कि वह गांव के युवक के साथ स्टेशन पर खड़ा था। उसने अचानक खिड़की से मोबाइल फोन झपट लिया था। जब वह भागा तो उनके गांव का युवक भी उसके साथ भाग लिया था। उसने मोबाइल को बंद कर सिम निकालकर फेंक दिया था। बाद में मोबाइल फोन में कोड होने के चलते उसे घर में रख दिया था। इसी बीच पुलिस उनके घर पहुंच गई थी। जब वह घर पहुंचा तो उसकी मां ने पुलिस के बारे में बताया था। तब उसने पकड़े जाने के डर से मोबाइल को तोड़कर रेलवे स्टेशन के पास छिपा दिया था। बाद में पुलिस ने मोबाइल फोन को बरामद कर लिया था। मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुभाष चंद्र सरोए ने आशीष उर्फ आशु को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को पांच साल कैद की सजा सुनाई है।