फोटो :31: सोनीपत के पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल दिव
सोनीपत। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और न्याय युद्ध मंच के संस्थापक देवेंद्र गौतम पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में मंगलवार को जिले की राजनीति गरमा गई। थाना सेक्टर-27 में दर्ज एफआईआर को गौतम ने झूठा, एकतरफा और राजनीतिक दबाव में दर्ज बताया। उनके समर्थन में कांग्रेस और इनेलो सहित विपक्षी दल एक मंच पर नजर आए और भाजपा सरकार पर जनहित की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में देवेंद्र गौतम ने कहा कि जिस घटना के आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई उसका पूरा वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीम सार्वजनिक सड़क पर बिना नंबर प्लेट वाला बुलडोजर लेकर पहुंची थी और चालक के पास भी वैध लाइसेंस नहीं था।
मौके पर मौजूद पुलिस व निगम अधिकारियों से केवल जनहित में सवाल पूछे थे कि यदि सड़क पर खड़े बुलडोजर से कोई हादसा हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। देवेंद्र गौतम ने आरोप लगाया कि उस समय किसी अधिकारी ने आपत्ति नहीं जताई, लेकिन 24 दिन बाद नगर निगम के सहायक अभियंता ने राजनीतिक दबाव में शिकायत दर्ज करवाई।
शनि मंदिर अंडरपास, जलभराव, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाना उनका सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने भी सवाल पूछे थे, आज उसी सोच से डरकर आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
विपक्ष एकजुट, सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष कमल दीवान ने कहा कि संविधान हर नागरिक को सवाल पूछने का अधिकार देता है, लेकिन भाजपा सरकार उस अधिकार को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संघर्ष में देवेंद्र गौतम के साथ मजबूती से खड़ी है। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि हर उस नागरिक का है जो सरकार से जवाबदेही चाहता है। जनहित के मुद्दे उठाने पर एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इनेलो जिलाध्यक्ष कुणाल गहलोत ने कहा कि देवेंद्र गौतम की लड़ाई पूरी तरह जनहित से जुड़ी हुई है। सरकार उन लोगों से घबरा रही है, जो बिना किसी सत्ता या पद के जनता की आवाज बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से जन असंतोष और बढ़ेगा।