गोहाना/सोनीपत। कचरा फैलाने और नुकसान करने के आरोप में पुलिस ने नगर परिषद के 22 हड़ताली सफाईकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। भारी पुलिसबल की मौजूदगी में वीरवार को गोहाना नगर परिषद कार्यालय में खड़े निजी एजेंसी के कचरा उठाने वाले वाहनों को बाहर निकलवाया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीओ कपिल यादव और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में वाहनों के टायरों में हवा भरवाकर उन्हें रवाना किया गया। इस दौरान सफाईकर्मियों ने विरोध करते हुए हंगामा और नारेबाजी की।
नगर परिषद के सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर छह अगस्त से हड़ताल पर हैं। इस कारण शहर में कचरा उठान बंद है। कर्मचारी निजी एजेंसी और दूसरे कर्मचारियों से कचरा उठवाने का भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने एजेंसी के वाहनों को नगर परिषद कार्यालय में खड़ा कर उनके टायरों की हवा निकाल दी थी।
पुलिस अधिकारी भारी पुलिसबल के साथ वीरवार सुबह कार्यालय पहुंचे। सफाईकर्मियों को वाहनों को बाहर निकलने देने के लिए समझाया गया, लेकिन उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी वाहनों के आगे खड़े हो गए। पुलिस ने उन्हें दूसरी तरफ ले जाकर वाहनों को बाहर निकलवाया।
हंगामे में महिला सफाईकर्मी की तबीयत बिगड़ी
वाहनों को बाहर निकलवाने के दौरान हुए विरोध में सफाईकर्मी बबली राणा की तबीयत बिगड़ गई। वह धरनास्थल पर बेसुध हो गई। साथी कर्मचारियों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। कर्मचारियों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
हिरासत के लिए भी वाहन मंगवाया
विरोध को देखते हुए नगर परिषद कार्यालय और मुख्य गेट पर महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। बाहर से समर्थन में आने वाले कर्मचारियों को रोकने के लिए भी पुलिसकर्मी लगाए गए थे। पुलिस ने हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लेने के लिए एक वाहन सड़क पर खड़ा किया था।
हड़ताली सफाईकर्मी निजी एजेंसी के वाहनों को कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। कर्मचारियों को समझाकर वाहन बाहर निकलवाए गए, ताकि सफाई व्यवस्था बहाल की जा सके। नगर परिषद सचिव की शिकायत पर शहर में कचरा फैलाने और नुकसान करने के आरोप में 22 सफाईकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सुभाष चंद, सिटी थाना प्रभारी, गोहाना