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यूरिया के लिए मारामारी : किसानों ने किया प्रदर्शन, जींद रोड पर लगाया जाम

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नई अनाज मंडी में सोसायटी के बाहर यूरिया लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। - फोटो : Sonipat
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गोहाना (सोनीपत)। यूरिया नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। हालात यह है कि सोसायटी (सरकारी बीज केंद्र) के बाहर जहां किसानों को घंटों खाद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं किसान निजी केंद्रों पर जबरदस्ती यूरिया के साथ सल्फर देने का आरोप लगा रहे हैं। इसको लेकर बुधवार को किसानों ने भाकियू के बैनर तले अनाज मंडी के बाहर एक निजी खाद केंद्र पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही जींद रोड पर करीब 10 मिनट तक जाम भी लगाया। इसके अलावा नई अनाज मंडी में सुबह से दोपहर तक यूरिया न मिलने पर किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। किसानों ने निजी केंद्रों की बजाय सोसायटी पर ही नियमित रूप से यूरिया देने की मांग की।
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सोनीपत के साथ ही गोहाना, पानीपत व दिल्ली के लिए बुधवार को 42 हजार कट्टे यूरिया का रैक लगा था। इसके तहत नई अनाज मंडी स्थित सोसायटी के अलावा निजी केंद्रों पर यूरिया पहुंचा। यूरिया लेने के लिए सोसायटी के साथ ही निजी केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी लाइनें लगी थीं। पुरुष किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी यूरिया लेने के लिए पहुंचीं। इस बीच करीब साढ़े 11 बजे किसानों ने जींद रोड स्थित एक निजी खाद-बीज केंद्र के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
किसानों ने आरोप लगाया कि विक्रेता की तरफ से उन्हें पांच कट्टे यूरिया के साथ एक बैग सल्फर का दिया जा रहा है। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विक्रेता ने यूरिया देने से मना कर दिया। किसानों ने बताया इस समय अधिकतर किसानों को सल्फर की जरूरत नहीं होती, फिर भी उन्हें विक्रेता की तरफ से 350 रुपये के सल्फर का बैग जबरदस्ती दिया जा रहा है। यही नहीं जब उन्होंने लेने से मना कर दिया तो विक्रेता ने दुकान बंद कर यूरिया भी देने से मना कर दिया। इससे गुस्साए किसानों ने जींद रोड पर जाम भी लगाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को निजी केंद्रों की बजाय सोसायटी पर नियमित रूप यूरिया दिलवाया जाए। करीब 10 मिनट बाद अधिकारी व पुलिस के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोला।
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दूसरी तरफ, नई अनाज मंडी में यूरिया लेने पहुंचे किसानों ने बताया कि वह सुबह पांच बजे से ही यहां सोसायटी के बाहर लाइन में लगे हैं। यूरिया के कट्टे भी काफी संख्या में पहुंचे हैं, लेकिन दोपहर तक नहीं मिला। इससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जब उन्होंने अधिकारियों से बात की तो वह जिला मुख्यालय से पीओएस मशीन में स्टॉक अपडेट होने की बात कहते रहे। इसको लेकर उन्होंने शासन-प्रशासन से समय पर यूरिया दिलाने की मांग की।
वर्जन
निजी केंद्रों पर कोई भी विक्रेता किसानों को सल्फर के बैग नहीं दे सकता। किसान के मांगने पर ही वह उसे सल्फर दे सकता है। इसको लेकर अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा मामला है तो इसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा सोसायटी पर पीओएस मशीन में स्टॉक अपडेट हो सकता था। दोपहर के समय स्टॉक अपडेट होने पर किसानों को यूरिया दे दिया था।
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- डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेहरा, एसडीओ, कृषि विभाग गोहाना।
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