उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के गांव जानी खुर्द के पास भ्रूण लिंग जांच मामले में पकड़े गए तीन आरोप
सोनीपत। जिले से सटे उत्तर प्रदेश की सीमा में कोख के कातिलों का गिरोह सक्रिय है। महिला डिकॉय ने भ्रूण लिंग जांच के लिए 35 हजार में सौदा किया। इस पर महिला को मेरठ जिले के गांव जानी खुर्द ले जाया गया और वहां ब्रेजा गाड़ी में भ्रूण लिंग जांच की गई। महिला के गर्भ में लड़का बताया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई कर मेडिकल स्टोर संचालक समेत तीन लोगों को काबू कर लिया। वहीं लैब संचालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। आरोपियों के पास से 30 हजार रुपये बरामद कर अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया है। मेरठ जिले के जानी खुर्द थाने में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी पीएनडीटी) टीम को भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिल रही थी। सूचना थी कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश के बागपत, मेरठ व गाजियाबाद जिले के लोनी के आसपास भ्रूण लिंग जांच करवाते हैं। इस पर सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने उन्हें पकड़ने के लिए टीम का गठन किया था। टीम में पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक, डॉ. जितेंद्र व डॉ. किरण को शामिल किया गया। साथ ही अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महिला डिकॉय को तैयार किया गया। महिला डिकॉय का संपर्क सोनीपत बस अड्डा क्षेत्र निवासी नरेंद्र कौशिक से हुआ। भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए दलाल नरेंद्र कौशिक व डिकॉय के बीच 35 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। 8 अप्रैल को डिकॉय ने नरेंद्र को 5000 रुपये दे दिए।
नरेंद्र कौशिक ने गांव सांदल कलां निवासी रामपाल से भ्रूण लिंग जांच कराने की बात की। रामपाल ने गांव के ही रहने वाले शौकीन से बात की। इसके बाद शौकीन ने महिला डिकॉय को सोनीपत बस अड्डे पर बुलाया। इसके बाद शौकीन उन्हें बागपत अड्डे पर लेकर पहुंचा और कुछ समय बाद वहां पर बागपत निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शक्ति सिंह पहुंचा। इसके बाद दोनों महिला को लेकर मेरठ की तरफ चल पड़े। वह जब बागपत से काफी दूर मेरठ जिले के गांव जानी खुर्द के नजदीक पहुंचे तो वहां ब्रेजा गाड़ी में सवार होकर लैब संचालक असलम व सुभारती विश्वविद्यालय के बीएससी डीएमएलटी के छात्र शाहनवाज आए। वह महिला को ब्रेजा गाड़ी में बैठाकर 500 मीटर दूर भोला जाल नहर के पास पहुंचे। इस दौरान गाड़ी के अंदर ही असलम ने बिना किसी कागजी कार्रवाई के महिला का अल्ट्रासाउंड किया और गर्भ में बेटा होना बताया।
इसके बाद आरोपी अपनी गाड़ी से महिला को उतारकर चलने लगे तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान मेरठ निवासी लैब संचालक असलम अपनी गाड़ी छोड़कर भाग गया। हापुड़ निवासी छात्र शाहनवाज, बागपत निवासी शक्ति सिंह और सांदल कलां निवासी शौकीन को काबू कर लिया गया। इस दौरान पीएनडीटी टीम ने कार्रवाई करते हुए शौकीन व शक्ति सिंह के पास से 15-15 हजार रुपये बरामद किए। गाड़ी में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन, पैन ड्राइव व लैपटॉप को सील कर दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों को पुलिस को सौंपकर जानी खुर्द थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। टीम के साथ मेरठ के नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीन गौतम भी मौजूद रहे।