गन्नौर। गांव अटायल की महिला को ससुराल पक्ष के लोग लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। जिसके चलते ही महिला व उसके दोनों बच्चों ने जहर खाकर आत्महत्या कर दी। महिला के पिता का आरोप है कि बेटी को बुरी तरह पीटा जाता था। घटना से पहले रात को भी उनमें झगड़ा हुआ और लगातार कलह व प्रताड़ना से तंग बेटी, नाती व नातिन ने जहर खा लिया। पुलिस ने पति सहित तीन के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं पुलिस ने रविवार तीसरे पहर शवों का पानीपत में पोस्टमार्टम कराया।
करनाल के गांव मानपुरा निवासी तेजबीर सिंह ने गन्नौर पुलिस को बताया कि उनकी बेटी सोनिया की शादी वर्ष 2008 में गांव अटायल के सीटू के साथ की थी। उन्हें शनिवार को बेटी, नाती व नातिन की मौत का पता लगा। वह फिलहाल यूपी के बदायूं में रहकर खेती करते हैं। देर रात वह पानीपत पहुंचे। उन्होंने रविवार को अपने बयान दर्ज कराए। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी सोनिया को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था। उसे बुरी तरह पीटा जाता था। उसका हाथ भी तोड़ दिया था। जिसके बाद सोनिया करीब एक साल तक अपने मायके में ही रही, लेकिन पंचायत में फैसला होने के बाद सोनिया वापस ससुराल चली गई थी। कुछ दिनों बाद उसके पति सीटू व ससुर रामकुमार ने सोनिया के साथ फिर से मारपीट शुरू कर दी और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 22 सितंबर की रात को भी उनका झगड़ा हुआ था। जिसके चलते सोनिया ने 23 सितंबर की सुबह अपने ससुराल वालों की प्रताडऩा से तंग आकर अपनी बेटी पलक व बेटे प्रतीक के साथ जहर निगलकर जान दे दी। पुलिस ने मामले में सीटू, उसके पिता रामकुमार व एक अन्य काला के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया।
पानीपत में हुआ पोस्टमार्टम, गांव में अंतिम संस्कार
सोनिया व उनके दोनों बच्चों का पानीपत के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसके बाद शाम को तीनों के शवों को गांव अटायल में लाया गया। जहां पर गमगीन माहौल में तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
महिला व उनके दो बच्चों के जहर खाकर जान देने के मामले में महिला के पिता ने आत्महत्या को विवश करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस ने मामले में पति समेत तीन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इंस्पेक्टर रवि कुमार, थाना प्रभारी, गन्नौर